Jammu-Kashmir: धारा 370 हटने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर और लेह-कारगिल में गठित होंगे वक्फ बोर्ड
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि जल्द ही जम्मू-कश्मीर और लेह-कारगिल में वक्फ बोर्ड गठित किये जाएंगे. इस संबंध में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है
नई दिल्ली, 4 दिसंबर: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Makhtar Abbas Nakhvi) ने कहा है कि जल्द ही जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) और लेह-कारगिल (Leh-Kargil) में वक्फ बोर्ड गठित किये जाएंगे. इस संबंध में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. यहां नई दिल्ली (New Delhi) में केंद्रीय वक्फ परिषद की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद नकवी ने कहा कि अनुच्छेद 370 (Article 370) के खात्मे के बाद जम्मू-कश्मीर और लेह-कारगिलमें पहली बार गठित होने वाले वक्फ बोर्डो के माध्यम से वक्फ सम्पत्तियों का सदुपयोग सुनिश्चित होगा.
इन सम्पत्तियों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक गतिविधियों के लिए 'प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम' (पीएमजेवीके) (PMJVK) के तहत भरपूर मदद की जाएगी. केंद्रीय मंत्री नकवी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लेह-कारगिल में हजारों व़क्फ सम्पत्तियां हैं, जिनके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है. वक्फ सम्पत्तियों के डिजिटाइजेशन एवं जियो टैगिंग, जीपीएस (GPS) मैपिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है, जिसे जल्द ही पूरा कर दिया जायेगा. देश भर में लगभग 6 लाख 64 हजार पंजीकृत वक्फ सम्पत्तियां हैं. सभी 32 राज्य व़क्फ बोर्डो का शत प्रतिशत डिजिटाइजेशन का काम पूरा हो गया है.यह भी पढ़े: मोदी सरकार का अल्पसंख्यक समाज को तोहफा, जम्मू कश्मीर और लेह-कारगिल में जल्द गठित होंगे वक्फ बोर्ड.
नकवी ने कहा कि केंद्रीय वक्फ परिषद की बैठक में कई राज्यों में वक्फ सम्पत्तियों में गोलमाल और वक्फ माफियाओं की ओर से कब्जे पर गंभीर रुख अपनाते हुए राज्य सरकारों को कहा गया है कि ऐसे वक्फ माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कर वक्फ सम्पत्तियों की सुरक्षा और सदुपयोग सुनिश्चित कराया जाए. इस सम्बन्ध में सेंट्रल वक्फ कौंसिल की टीम इन राज्यों का दौरा करेगी.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 'प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम' के तहत देश के अन्य भागों की तरह जम्मू-कश्मीर, लेह-कारगिल में वक्फ सम्पत्तियों पर केंद्र सरकार की ओर से स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, गर्ल्स हॉस्टल, आवासीय स्कूल, कौशल विकास केंद्र, बहु-उदेशीय सामुदायिक केंद्र, हुनर हब, अस्पताल, व्यावसायिक केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर आदि का निर्माण बड़े पैमाने पर किया जायेगा. इन ढांचागत सुविधाओं के निर्माण से समाज के जरूरतमंदों और विशेषकर लड़कियों की शिक्षा के लिए बेहतर सुविधा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मुहैया होंगे.
मोदी की सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए देश के सिर्फ 90 जिलों तक सीमित विकास योजनाओं का विस्तार 'प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम' के तहत 308 जिलों, 870 ब्लॉक, 331 शहर, हजारों गांवों में कर दिया है. इन योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गो को हो रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 04, 2020 08:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

