गुवाहाटी, 26 अप्रैल कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने शनिवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने असम में अवैध कोयला साम्राज्य का ‘‘पर्दाफाश’’ किया है, जहां अवैध खनन गतिविधियां मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की ‘‘नाक के नीचे’’ चल रही थीं, लेकिन वह इसे ‘‘नकारते’’ रहे।
गोगोई ने राज्य सरकार से कहा कि वह इस बात का जवाब दे कि असम का असली ‘सिंडिकेट राजा’ कौन है।
कांग्रेस नेता का यह बयान प्रवर्तन निदेशालय द्वारा बृहस्पतिवार को असम और मेघालय में कथित अवैध कोयला खनन से जुड़ी धन शोधन जांच के तहत 15 परिसरों पर की गई छापेमारी के बाद आया है।
गोगोई ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘ईडी ने असम के अवैध कोयला साम्राज्य का पर्दाफाश किया। 1.58 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए। फर्जी चालान। मार्गेरिटा, जोगीघोपा, गुवाहाटी में प्रतिदिन 1200 टन अवैध कोयला निकाला जा रहा है। यह सब मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की नाक के नीचे हो रहा है, जो अवैध खनन से इनकार करते रहे हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कोयला माफिया ने सीमा पार करने के लिए प्रति ट्रक 1.27-1.5 लाख रुपये का भुगतान किया और असम में कोयला डिपो ने ‘कानूनी खनन’ के रूप में अपराध को बढ़ावा दिया।
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता ने लिखा, ‘‘15 जगहों पर छापे मारे गए, मेघालय और असम के बीच ‘सिंडिकेट लिंक’ की पुष्टि हुई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्या यह लूट सरकार के संरक्षण के बिना संभव है? असम का असली ‘सिंडिकेट राजा’ कौन है? जब ईडी के छापे और उच्च न्यायालय के समन से सच्चाई उजागर हुई है, तो मुख्यमंत्री कब तक इस सब के पीछे छिपते रहेंगे? दिसपुर को जवाब देना चाहिए। असम के लोग जवाबदेही की मांग करते हैं।’’
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