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कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद "अपनी मर्जी से" घर लौट रहे प्रवासी मजदूर : महाजन

प्रशासन के साथ स्थानीय नेताओं की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में महाजन ने कहा कि मजदूर अपनी मर्जी से जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें (मजदूरों को) कुछ ऐसा लग रहा है कि वे अपने गांव जायेंगे, तो सुरक्षित रहेंगे। वे इसी दृष्टि से लौटकर अपने गांव जा रहे हैं।"

कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद
जमात

इंदौर (मध्यप्रदेश), 14 मई पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद प्रवासी मजदूर अपनी मर्जी से घर लौट रहे हैं क्योंकि उन्हें लग रहा है कि वे अपने मूल निवास स्थानों में सुरक्षित रहेंगे।

प्रशासन के साथ स्थानीय नेताओं की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में महाजन ने कहा कि मजदूर अपनी मर्जी से जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें (मजदूरों को) कुछ ऐसा लग रहा है कि वे अपने गांव जायेंगे, तो सुरक्षित रहेंगे। वे इसी दृष्टि से लौटकर अपने गांव जा रहे हैं।"

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी प्रवासी मजदूरों की मदद कर रही है और उसने घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों को पड़ोसी राज्यों की सीमा तक छोड़ने के लिये बसों की व्यवस्था तक की है।

इस बीच, कांग्रेस ने प्रवासी मजदूरों के पलायन को लेकर महाजन के बयान की निंदा की है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा, "देश के प्रवासी मजदूरों के पलायन की ऐतिहासिक त्रासदी पर महाजन सरीखी वरिष्ठ भाजपा नेता का बयान सरासर असंवेदनशील है। हजारों प्रवासी मजदूर चिलचिलाती धूप में अपने परिवार के छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ सैकड़ों मील पैदल चलकर घर लौट रहे हैं। अपनी मर्जी से इतना कष्ट भला कौन व्यक्ति उठाना चाहेगा?"

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवासी मजदूरों को बेहद मजबूरी में अपनी मिट्टी की ओर लौटना पड़ रहा है क्योंकि कोरोना वायरस के प्रकोप से उनका रोजगार छिन चुका है और केंद्र सरकार इन लाचार श्रमिकों के दर्द पर मरहम लगाने में नाकाम रही है।

गौरतलब है कि महाजन (77) चुनावी सियासत से पिछले साल संन्यास ले चुकी हैं। उन्होंने इंदौर से वर्ष 1989 से 2014 के बीच लगातार आठ बार लोकसभा चुनाव जीते थे। लेकिन 75 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को चुनाव नहीं लड़ाने के भाजपा के नीतिगत निर्णय को लेकर मीडिया में खबरें आने के बाद उन्होंने वक्त की नजाकत भांपते हुए पांच अप्रैल 2019 को खुद घोषणा की थी कि वह बतौर उम्मीदवार चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगी।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2020 08:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).