एजेंसी न्यूज

बेटों की शादी के बाद अब मैं वानप्रस्थी हो जाऊंगा, पूरा समय किसानों की सेवा में लगाऊंगा: शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि अपने बेटों की शादी के बाद अब वह वानप्रस्थ आश्रम में जा रहे हैं और अपना पूरा समय किसानों की सेवा में लगाएंगे. चौहान ने प्रश्नकाल में सदस्यों के पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा, ‘‘आज से मैं गृहस्थ से वानप्रस्थ आश्रम में जा रहा हूं.

बेटों की शादी के बाद अब मैं वानप्रस्थी हो जाऊंगा, पूरा समय किसानों की सेवा में लगाऊंगा: शिवराज सिंह चौहान

नयी दिल्ली, 18 मार्च : केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि अपने बेटों की शादी के बाद अब वह वानप्रस्थ आश्रम में जा रहे हैं और अपना पूरा समय किसानों की सेवा में लगाएंगे. चौहान ने प्रश्नकाल में सदस्यों के पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा, ‘‘आज से मैं गृहस्थ से वानप्रस्थ आश्रम में जा रहा हूं. आज मेरे बेटों की शादी के बाद ‘रिसेप्शन’ है. मैंने सभी को निमंत्रित किया है. कल से मैं वानप्रस्थी हो जाऊंगा और अपना पूरा समय किसानों की सेवा में लगाऊंगा क्योंकि उनकी सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है.’’

उन्होंने फसल बीमा योजना संबंधी पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि मोदी सरकार से पहले फसल के नुकसान के लिए मुआवजे की सबसे छोटी इकाई तहसील होती थी और जब तक पूरी तहसील में फसल बर्बाद नहीं हो, किसानों को मुआवजा नहीं मिलता था. चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार में गांव को सबसे छोटी इकाई बनाया गया और एक गांव में फसल को नुकसान होने पर भी किसानों को राहत मिलती है. यह भी पढ़ें : लोकसभा में पीएम मोदी ने राम मंदिर को बताया भारतीय संस्कृति का प्रतीक

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि देश का नेता दूरदृष्टा हो तो व्यवस्थाएं अपने आप बदलने लगती हैं. चौहान ने कहा कि किसानों की हालत एक दशक पहले बहुत खराब थी, लेकिन इस सरकार के आने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक नहीं, अनेक उपाय किए गए हैं जिसके कारण किसानों की हालत लगातार सुधर रही है. उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार किसानों की हालत सुधारने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी.

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के उनके संसदीय क्षेत्र वायनाड (केरल) के संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्न के उत्तर में कृषि मंत्री ने कहा, ‘‘किसान चाहे केरल का हो या कर्नाटक का, किसान होता है. हम सब भारत मां के लाल हैं और भेदभाव का कोई सवाल नहीं है.’’

उन्होंने कहा कि जब भी प्राकृतिक आपदाएं आती हैं तो नीति आयोग की सिफारिश के अनुसार केंद्र सरकार राज्यों को धन देती है और कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा हो तो केंद्र सरकार विशेष दल भेजकर अतिरिक्त राशि भी देती है. चौहान ने कहा, ‘‘केरल को भी एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा राहत कोष) के तहत 138 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए. आपके माध्यम से मैं सदस्य (प्रियंका गांधी) को आश्वस्त करना चाहता हूं कि कहीं भी संकट आएगा तो केंद्र बिना भेदभाव के राज्य के साथ खड़ा रहेगा.’’ उन्होंने कहा कि जहां भी किसानों पर प्राकृतिक संकट आएगा, वे चाहे किसी भी राज्य के, गांव के हों.. भारत सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 18, 2025 01:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).