29 दिन बाद राइन में फिर चलने लगी नाव
यूरोप के ज्यादातर हिस्सों की तरह जर्मनी भी जबरदस्त सूखे का सामना कर रहा है.
यूरोप के ज्यादातर हिस्सों की तरह जर्मनी भी जबरदस्त सूखे का सामना कर रहा है. इससे जर्मनी की सबसे बड़ी नदी राइन का जलस्तर काफी नीचे चला गया था. हालांकि पिछले कुछ दिनों में बारिश से थोड़ी राहत मिली है.पिछले कुछ दिनों जर्मनी में बारिश होने के बाद राइन नदी के जलस्तर में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है. इसके बाद दो शहरों के बीच चलने वाली फेरी सेवा को फिर से शुरू कर दिया गया है. जुलाई और अगस्त में ये सेवाएं 29 दिन तक बंद रहीं थीं.
डुसेलडॉर्फ और जोन्स के बीच चलने वाली राइन फेरी के संचालक येंस यान्सेन ने शनिवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस सेवा को बंद करने का फैसला मजबूरी में लिया गया था और इस बंदी ने कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाया. यान्सेन ने कहा कि उनकी अधिकांश कमाई वसंत और गर्मियों में ही होती है. ऐसे में लंबे समय तक परिचालन ठप रहने का बुरा आर्थिक असर पड़ा.
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जर्मनी में गर्मी का मौसम अपने अंत की ओर
यह फेरी सिर्फ वाहनों को ही इन शहरों के बीच नहीं लाती-ले जाती बल्कि साइकिल सवार और पैदल यात्री भी इसका बड़ी संख्या में इस्तेमाल करते हैं. डुसेलडॉर्फ से जोन्स के ऐतिहासिक पुराने शहर तक जाने वालों के बीच यह सेवा काफी लोकप्रिय है. मौसम साफ हो तो वीकेंड में इस फेरी सर्विस के लिए अच्छी-खासी भीड़ रहती है.
हालांकि इस साल स्थिति अलग रही है. सूखे और तेज गर्मी पड़ने के चलते राइन नदी का जलसस्तर बेहद कम हो गया था. इसी कारण ये सेवा बंद करनी पड़ी थी. फेरी संचालक येंस यान्सेन ने कहा कि यह स्वीकार करना कठिन है लेकिन प्रकृति के सामने कोई विकल्प नहीं होता.
हालांकि जिस मौसम में फेरी का संचालन फिर शुरू हुआ है, वह भी यान्सेन के लिए बहुत फायदेमंद नहीं रहा क्योंकि शनिवार सुबह मौसम ने जल्दी-जल्दी करवट ली. कभी बारिश होने लगी तो कभी धूप निकल आई. ऐसे में कम ही लोग घरों से निकले और फेरी पर केवल कुछ वाहन और साइकिल सवार ही दिखे.
राइन की कई अन्य फेरी सेवाएं भी हुईं शुरू
कोलोन की वाइस फेरी ने भी शुक्रवार से सेवाएं बहाल कर दीं. वहीं नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया के बाड होनेफ की जीबनगेबिर्गे फेरी भी गुरुवार से फिर चलने लगी है. राइनलैंड-पैलेटिनेट के काउब की फेरी सेवा भी गुरुवार को शुरू हो गई थी. यह सेवा भी 11 दिन तक बंद रहने के बाद शुरू की गई थी.
काउब फेरी एसोसिएशन ने कहा कि फिलहाल स्थिति में सुधार हुआ है. लेकिन गर्मियों में आगे क्या होगा, यह कहना मुश्किल है. कुछ स्थानों पर अब भी प्रतिबंध लागू हैं. मसलन मोबाइल होम और कैरवां जैसे बड़े वाहनों को अभी भी नहीं ले जाया जा रहा है.
जर्मनी को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा कम जलस्तर
इस महीने राइन नदी का जलस्तर ऐतिहासिक रूप से बेहद कम स्तर तक पहुंच गया था. हाल के दिनों में बारिश के बाद इसमें थोड़ी बढ़ोतरी हुई है. हालांकि जलस्तर अभी भी अपेक्षाकृत निचले स्तर पर ही बना हुआ है.
जर्मनी के केंद्रीय बैंक बुंडेसबांक ने पिछले सप्ताह राइन और जर्मनी की अन्य अहम नदियों के चिंताजनक जलस्तर को लेकर चेतावनी दी थी. बैंक के अनुसार नदियों में कम जलस्तर अर्थव्यवस्था की रिकवरी को प्रभावित कर सकता है. बुंडेसबांक ने कहा कि जलमार्गों से माल परिवहन में देरी हुई है. इससे आपूर्ति प्रभावित हुई है और परिवहन लागत बढ़ी है.
बैंक के अनुसार देर से डिलीवरी और उत्पादन संबंधी दिक्कतें भी सामने आई हैं. ये समस्याएं देश की आर्थिक गतिविधियों पर दबाव डाल सकती हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 22, 2026 07:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

