पाकिस्तान ने फिर तेज की शांति की कोशिशें, आसिम मुनीर जाएंगे ईरान
पाकिस्तान ने फिर से मध्य-पूर्व में शांति के लिए मध्यस्थता की कोशिशें तेज की हैं.
पाकिस्तान ने फिर से मध्य-पूर्व में शांति के लिए मध्यस्थता की कोशिशें तेज की हैं. इसी के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर सोमवार को ईरान की राजधानी तेहरान जा रहे हैं.पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच शांति की कोशिशें एक बार फिर से तेज कर दी हैं. पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर सोमवार को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचेंगे. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने रविवार को इसकी जानकारी दी. मंत्रालय के बयान के मुताबिक यह दौरा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा मजबूत करने के पाकिस्तान के प्रयासों का हिस्सा है.
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पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में कई दिनों से मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. इन कोशिशों का मकसद दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष को खत्म करना और तनाव कम करना है. इस बीच चीन ने भी ईरान के साथ अपने राजनयिक संपर्क बढ़ाए हैं. चीन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि 17 अगस्त को बीजिंग में चीन के उप विदेश मंत्री और ईरान के उप विदेश मंत्री के बीच बैठक हुई थी. ईरान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार कूटनीतिक समर्थन जुटाने में लगा है.
लंबे समय से अनिश्चितताओं में घिरा ईरान
इन घटनाओं के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका के साथ तैयार किए गए समझौता पत्र का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि मौजूदा गतिरोध से बाहर निकलने का यही सबसे बेहतर रास्ता है. उनके मुताबिक यह समझौता सम्मान, विवेक और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. पेजेश्कियान ने कहा कि समझौते में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसे आत्मसमर्पण माना जाए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि देश के सर्वोच्च नेता जो नीतियां तय करेंगे, सरकार उसी रास्ते पर चलेगी.
दरअसल जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए थे. इसका उद्देश्य 60 दिनों के भीतर युद्ध समाप्त करना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सहमति बनाना था. हालांकि समयसीमा खत्म हो चुकी है और दोनों पक्ष अब भी कई अहम मुद्दों पर सहमत नहीं हो पाए हैं. ईरान की अर्थव्यवस्था भी दबाव में है. अमेरिका और उसके सहयोगियों के प्रतिबंधों के कारण तेल निर्यात प्रभावित हुआ है. ईरान का कहना है कि लंबे समय से जारी अनिश्चितता के बने रहने से निवेश आकर्षित करना मुश्किल हो रहा है.
अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों पर ईरान की धमकी
उधर ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के नए प्रमुख मोहसिन रेजाई ने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर किसी देश ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक दबाव का साथ दिया तो ईरान कड़ा जवाब देगा. रेजाई ने दावा किया कि यदि पड़ोसी देश ईरान के खिलाफ आर्थिक अभियान में शामिल हुए तो उनके अहम आर्थिक हितों को निशाना बनाया जा सकता है. उन्होंने फारस की खाड़ी से निकलने वाले वैकल्पिक तेल मार्गों को लेकर भी ऐसी धमकी दी.
ईरान और अमेरिका के बीच फिर से बढ़ते तनाव के बीच आसिम मुनीर का तेहरान दौरा और चीन-ईरान के बढ़ते कूटनीतिक संपर्क इस बात का संकेत माने जा रहे हैं कि क्षेत्रीय शक्तियां संघर्ष को नियंत्रण में रखने और नई राजनीतिक समझ बनाने की कोशिश फिर से कर रही हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 23, 2026 02:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

