देश की खबरें | सरकारी कर्मचारी की मौत के बाद उसके परिवार की एक करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त

इंदौर (मध्य प्रदेश), एक अप्रैल इंदौर की विशेष अदालत ने एक सरकारी कर्मचारी की मौत के करीब 16 महीने बाद उसके परिवार की एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया है।

अदालत ने भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए बनाए गए ‘मध्य प्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम 2011’ के तहत यह फैसला सुनाया है।

विशेष न्यायाधीश गंगाचरण दुबे ने उज्जैन नगर निगम के दिवंगत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नरेंद्र देशमुख के पारिवारिक सदस्यों की 1.09 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने का आदेश बृहस्पतिवार को दिया। ये संपत्तियां देशमुख की वैध आय से कहीं अधिक मूल्य की पाई गई थीं।

अदालत ने अपने आदेश में कहा, “भ्रष्टाचार समाज और प्रशासन को प्रभावित करता है। भ्रष्ट आचरण प्रभावित व्यक्ति के जीवनपर्यंत और मृत्यु उपरांत भी उसके कृत्यों से परिलक्षित होता है।”

विशेष लोक अभियोजक महेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने शुक्रवार को बताया कि अदालत ने देशमुख के परिवार की जिन चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया है, उनकी जानकारी इस सरकारी कर्मचारी के ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस द्वारा वर्ष 2011 में मारे गए छापों के दौरान सामने आई थी।

उन्होंने बताया कि जब्तशुदा मिल्कियत में कृषि भूमि, भवन, वाहन, बैंक खातों में जमा राशि और छापों में मिली नकदी शामिल है।

विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि देशमुख की छह दिसंबर 2020 को 60 साल की उम्र में मौत हो गई थी।

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