देश की खबरें | दाखिल होने के बाद पूरा आरोप पत्र पिंजड़ा तोड़ सदस्य नरवाल को मुहैया करायें: अदालत ने पुलिस से कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पुलिस को निर्देश दिया कि वह एक बार दाखिल होने के बाद पिंजरा तोड़ की एक सदस्य को पूरा आरोप पत्र उपलब्ध कराए। वह इस साल फरवरी में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित एक मामले में आरोपों का सामना कर रही है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, एक सितम्बर दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पुलिस को निर्देश दिया कि वह एक बार दाखिल होने के बाद पिंजरा तोड़ की एक सदस्य को पूरा आरोप पत्र उपलब्ध कराए। वह इस साल फरवरी में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित एक मामले में आरोपों का सामना कर रही है।

न्यायमूर्ति विभु बाखरू ने पुलिस को यह निर्देश भी दिया कि वह महिलाओं के समूह की सदस्य- जेएनयू छात्रा नताशा नरवाल को संरक्षित गवाहों के बयान सहित सभी बयान उपलब्ध कराये, जिन पर उसका मामला टिका हुआ है।

यह भी पढ़े | India-China Border Tension: भारत-चीन सीमा तनाव को लेकर अर्जुन रामपाल ने उठाया सवाल, पूछा- इस विवाद पर सब शांत क्यों हैं? इससे जरुरी मुद्दा क्या हो सकता है?.

अदालत ने कहा कि संरक्षित गवाहों के बयानों को उपयुक्त तरीके से संपादित किया जा सकता है जिससे कि उनकी पहचान की रक्षा की जा सके। अदालत ने कहा कि इस संबंध में एक बयान पुलिस का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने पूर्व में दिया था।

अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस ने भरोसा दिया है कि वह आरोप पत्र 17 सितम्बर या उससे पहले दाखिल करेगी।

यह भी पढ़े | Facebook Row: आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मार्क जुकरबर्ग को लिखा पत्र, कहा- फेसबुक के कर्मचारी पीएम मोदी को कहते हैं अपशब्द.

अदालत का यह आदेश तब आया जब नरवाल के वकील ने कहा कि उनकी जमानत अर्जी उच्च न्यायालय से वापस ली जा रही है और वह याचिका आरोपपत्र दाखिल किये जाने के बाद उपयुक्त निचली अदालत में दायर की जाएगी।

अदालत ने कहा, ‘‘याचिका को वापस लिया मानकर खारिज किया जाता है।’’

उच्च न्यायालय ने 31 अगस्त को नरवाल से यह विचार करने को कहा था कि क्या वह चाहती हैं कि उनकी अर्जी पर सुनवायी दो सप्ताह बाद की जाए, जब उनके खिलाफ मामले में आरोप पत्र दाखिल किये जाने की उम्मीद है।

उच्च न्यायालय ने कहा था कि संबंधित निचली अदालत के समक्ष आरोप पत्र दाखिल किये जाने के बाद जमानत अर्जी वहां पर दायर की जा सकती है।

मई में गिरफ्तार हुई नरवाल ने निचली अदालत के उसे जमानत देने से इनकार करने वाले फैसले को चुनौती दी है। वह भारतीय दंड संहिता और यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत तीन मामलों में आरोपी है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

T20 World Cup 2026 Semi Final Schedule: वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में भारत, 5 मार्च को वानखेड़े में इंग्लैंड से भिड़ंत; यहां देखें पूरा शेड्यूल

India vs West Indies, 52nd Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में वेस्टइंडीज ने टीम इंडिया को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह, संजू सैमसन ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें IND बनाम WI मैच का स्कोरकार्ड

Australia Women vs India Women, 3rd ODI Match Video Highlights: होबार्ट में ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को 185 रनों से रौंदा, सीरीज में 3-0 से किया क्लीन स्वीप; यहां देखें AUS W बनाम IND W मैच का वीडियो हाइलाइट्स

India vs West Indies, 52nd Match Scorecard: कोलकाता में वेस्टइंडीज ने टीम इंडिया के सामने रखा 196 रनों का टारगेट, रोवमैन पॉवेल और जेसन होल्डर ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

\