लखनऊ, 16 सितंबर शशि कुमार मुकुंद उमस भरी गर्मी से सामंजस्य बिठाने में नाकाम रहे लेकिन देश के नंबर एक खिलाड़ी सुमित नागल ने परिस्थितियों और अपने प्रतिद्वंदी से आसानी से पार पाकर भारत को मोरक्को के खिलाफ शनिवार को यहां डेविस कप विश्व ग्रुप दो मुकाबले में 1-1 से बराबरी दिलाई।
मुकुंद मोरक्को के यासीन दलीमी के खिलाफ शुरुआती एकल मैच के बीच से हट गए जिससे भारत 0-1 से पिछड़ गया था। नागल ने हालांकि दूसरे एकल मैच में एडम मोंदिर को 6-3, 6-3 से हराकर भारत को बराबरी दिलाई।
पहले मैच से पूर्व थोड़ी देर के लिए बारिश हुई थी जिससे परिस्थितियां अधिक मुश्किल हो गई और ऐसे में पहली बार डेविस कप में खेल रहे दोनों खिलाड़ियों के फिटनेस स्तर का अच्छा परीक्षण हुआ।
कोर्ट पर तीन घंटे और आठ मिनट बिताने के बाद 26 वर्षीय मुकुंद मुकाबले से हट गए। उन्हें तब चलने में भी परेशानी हो रही थी। जिस समय भारतीय खिलाड़ी ने हटने का फैसला किया तब वह 7-6 (4) 5-7 1-4 से पीछे चल रहे थे।
मुकुंद विश्व रैंकिंग में 192वें जबकि दलीमी उनसे काफी पीछे 365वें स्थान पर हैं।
एटीपी एकल रैंकिंग में 156वें रैंकिंग पर काबिज नागल ने उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए विश्व रैंकिंग में 779वें नंबर के खिलाड़ी मोंदिर को सीधे सेटों में पराजित किया।
दूसरे एकल में दोनों खिलाड़ियों ने कुछ अच्छी टेनिस खेली लेकिन बेहतरीन फॉर्म में चल रहे नागल ने महत्वपूर्ण मौकों पर अंक जुटाए और अपने प्रतिद्वंदी की तुलना में कम बेजा गलतियां की। मोंदिर ने भारतीय खिलाड़ी को कड़ी चुनौती देने की कोशिश की लेकिन नागल का अनुभव उन पर भारी पड़ गया।
नागल ने पहले सेट के पांचवें गेम में मोंदिर की सर्विस तोड़ी लेकिन इसके तुरंत बाद वह अपनी सर्विस भी गंवा बैठे। भारतीय खिलाड़ी ने हालांकि इसके बाद दो बार मोरक्को के खिलाड़ी की सर्विस तोड़कर पहला सेट अपने नाम किया।
नागल ने इसके बाद भी अच्छा खेल दिखाया। उनका रक्षण बेहद मजबूत था जिसके सामने मोंदिर के कुछ अच्छे प्रयासों की भी एक नहीं चली।
रोहन बोपन्ना रविवार को युकी भांबरी के साथ युगल मैच खेलेंगे जो उनके डेविस कप करियर का अंतिम मैच भी होगा। उनका मुकाबला इलियट बेंचेट्रिट और यूनुस लालामी लारौसी की जोड़ी से होगा।
भारतीय कोच जीशान अली ने कहा,‘‘ हम जानते हैं कि इस मुकाबले में फिटनेस की भूमिका अहम होगी। परिस्थितियां कड़ी हैं लेकिन ऐसा दोनों खिलाड़ियों के मामले में है। मुकुंद के पास मौके थे लेकिन वह उन्हें भुना नहीं पाया। एक बार जब आप पर थकान हावी हो जाती है और आपको चलने में भी परेशानी होती है तो फिर वापसी करना मुश्किल हो जाता है।’’
मुकुंद ने डबल फॉल्ट से शुरुआत की लेकिन वह अपनी सर्विस बचाए रखने में सफल रहे। दोनों खिलाड़ियों ने इसके बाद अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया जिससे यह सेट टाईब्रेकर तक खिंच गया।
टाईब्रेकर में मुकुंद ने दलीमी की गलतियों का फायदा उठाकर 4-1 से बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद दलीमी ने पहला सेट प्वाइंट बचाया लेकिन दूसरे मौके पर उनका फोरहैंड बाहर चला गया।
दलीमी ने दूसरे सेट के पहले गेम में ही अपनी सर्विस गंवा दी। मुकुंद ने जल्द ही 3-1 से बढ़त हासिल कर ली। यह 4-1 हो सकता था लेकिन दलीमी ने पांचवें गेम में दो ब्रेक प्वाइंट बचाए।
मुकुंद इसके बाद संघर्ष करते नजर आए। उनका अपनी सर्विस पर नियंत्रण नहीं रहा जिसका फायदा उठाकर दलीमी ने स्कोर 4-4 से बराबर कर दिया। मोरक्को के खिलाड़ी ने इसके बाद 12वें गेम में भारतीय खिलाड़ी की सर्विस तोड़कर मैच को निर्णायक सेट तक खींच दिया।
मुकुंद तीसरे सेट में शुरू से ही फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे थे और आखिर में उन्होंने हटने का फैसला किया।
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