विदेश की खबरें | शंघाई में चीन की मध्यस्थता बैठक के बाद थाईलैंड और कंबोडिया ने संघर्ष विराम को लेकर प्रतिबद्धता जताई
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

मलेशिया में हुआ संघर्ष विराम समझौता सोमवार आधी रात से लागू होना था, हालांकि उसके बाद भी दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमलों के आरोप लगाए हैं।

थाईलैंड की सेना ने कंबोडिया पर मंगलवार तड़के कई हमले करने का आरोप लगाया। हालांकि कंबोडिया ने कहा कि किसी जगह गोलीबारी नहीं हुई। इसपर थाईलैंड की सेना ने बुधवार को दोनों ओर से गोलीबारी होने की जानकारी दी।

थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने बुधवार सुबह एक बयान में कहा, “इस तरह की आक्रामकता एक बार फिर कंबोडियाई बलों द्वारा युद्ध विराम समझौते के स्पष्ट उल्लंघन को दर्शाती है।”

हालांकि, बुधवार दोपहर तक दोनों पक्षों ने संघर्षविराम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। इस बीच शंघाई में एक बैठक में दोनों पक्षों के प्रतिनिधि चीनी उप मंत्री सुन वेइदोंग के साथ मुस्कुराते हुए एक तस्वीर में दिखाई दिए।

चीन के विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, "कंबोडिया और थाईलैंड ने चीन के समक्ष संघर्ष विराम सहमति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और तनाव कम करने में सकारात्मक भूमिका के लिए चीन की सराहना की।"

बयान के अनुसार, चीन ने कहा कि यह अनौपचारिक बैठक उसका "नवीनतम कूटनीतिक प्रयास" है और वह "उनके सीमा विवाद को सुलझाने में रचनात्मक भूमिका" निभा रहा है।

कंबोडिया और थाईलैंड के बीच 800 किलोमीटर लंबी सीमा को लेकर पहले भी झड़पें हो चुकी हैं।

ताजा संघर्ष पिछले बृहस्पतिवार को सीमा पर एक बारूदी सुरंग में हुए विस्फोट में थाईलैंड के पांच सैनिकों के घायल होने के बाद शुरू हुआ।

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