विदेश की खबरें | इंडोनेशिया बाढ़ से 50 मरने के बाद अब भी बचावकर्मी नदियों और मलबों में लोगों की तलाश कर रहें
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. मानसून की भारी बारिश और भूस्खलन तथा माउंट मेरापी से निकले ठंडे लावे ने शनिवार को आधी रात से ठीक पहले पश्चिमी सुमात्रा प्रांत के चार जिलों में कहर बरपा दिया।
मानसून की भारी बारिश और भूस्खलन तथा माउंट मेरापी से निकले ठंडे लावे ने शनिवार को आधी रात से ठीक पहले पश्चिमी सुमात्रा प्रांत के चार जिलों में कहर बरपा दिया।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी ने कहा कि बाढ़ में कई लोग और 79 मकान बह गए तथा कई घर और इमारतें जलमग्न हो गईं। नतीजतन 3,300 से अधिक निवासियों को अस्थायी सरकारी सहायता केन्द्रों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मुहारी ने कहा कि मंगलवार तक कीचड़ और नदियों से 50 शवों को निकाला जा चुका है। बचावकर्मी उन 27 लोगों की तलाश कर रहे हैं जो लापता बताए जाते हैं।
बचावकर्मी सात लोगों के समूह में से उन चार लोगों को भी खोज रहे हैं जो अपनी कार के साथ बह गए थे। प्रांतीय राजधानी पडांग में खोज और बचाव कार्यालय के प्रमुख अब्दुल मलिक ने कहा कि सोमवार को तीन अन्य शवों को बाहर निकाला गया है।
मलिक ने कहा कि दूरदराज के इलाकों में अभी भी पहुंच संभव नहीं है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
इंडोनेशिया के ‘सेंटर फॉर वोल्केनोलॉजी एंड जियोलॉजिकल डिजास्टर मिटिगेशन’ के अनुसार, माउंट मेरापी ज्वालामुखी को अचानक विस्फोटों के लिए जाना जाता है। मेरापी में विस्फोटों का अनुमान लगाना मुश्किल है क्योंकि स्रोत उथला है और शिखर के पास है।
मेरापी ज्वालामुखी जनवरी 2024 में एक विस्फोट के बाद से सक्रिय है जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ था। यह इंडोनेशिया में 120 से अधिक सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है। पैसिफिक 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित होने के कारण देश भूकंपीय उथल-पुथल का अनुभव करता रहता है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2024 01:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

