देश की खबरें | शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों को एहतिहयात के तौर पर अलग अलग बैठने की सलाह : सीजेआई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के समय एहतियाती उपाय के रूप में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के दौरान अलग अलग बैठने की सलाह दी गयी है।
नयी दिल्ली, नौ सितंबर प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के समय एहतियाती उपाय के रूप में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के दौरान अलग अलग बैठने की सलाह दी गयी है।
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने मुंबई की तटीय सड़क परियोजना से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे से कहा कि इस मामले में किसी अन्य दिन सुनवाई की जायेगी।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हम किसी और दिन सुनवाई (इस मामले की) करेंगे क्योंकि आज हमें कुछ दिक्कत है। हमें अलग अलग बैठने की सलाह दी गयी है। मैं उम्मीद करता हूं कि सबकुछ ठीक है। ऐहतियात के तौर पर हममें से अधिकतर अलग अलग बैठ रहे हैं।’’
प्रधान न्यायाधीश ने आगे कहा कि अभी तक सबकुछ ठीक है और ऐहतियात के तौर पर वे अलग अलग बैठ रहे हैं।
इस मामले में पेश हुये सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि सब कुछ ठीक होगा। इस पर प्रधान न्यायाधीश ने टिप्पणी की, ‘‘उम्मीद है।’’
प्रधान न्यायाधीश बुधवार को अपने चैंबर से पीठ की अध्यक्षता कर रहे थे जबकि दो अन्य न्यायाधीश न्यायालय में बैठे दिखाई पड़ रहे थे।
न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति के एम जोसफ, जो एक पीठ के सदस्य हैं, अपने अपने चैंबर से न्यायालय की कार्यवाही कर रहे थे।
उच्चतम न्यायालय को सात सितंबर को सूचित किया गया था कि अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल पृथकवास में हैं क्योंकि उनके स्टाफ का एक सदस्य कोविड-19 संक्रमित मिला था।
अनूप
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