खरगोन (मध्य प्रदेश), 11 अप्रैल जिला प्रशासन ने रामनवमी के जुलूस पर पथराव करने के आरोपी लोगों के ‘‘अवैध’’ रूप से बने कम से कम 50 ढांचों को गिराना शुरु कर दिया है जबकि प्रदेश सरकार ने कहा कि हिंसा के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को जो नुकसान हुआ उसकी वसूली दंगाइयों से की जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि रविवार को रामनवमी के जुलूस पर पथराव और आगजनी की घटनाओं के बाद खरगोन शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था। इस मामले में अब तक 80 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और अब यहां स्थिति नियंत्रण में है।
इंदौर के संभागायुक्त पवन शर्मा ने खरगोन में पत्रकारों से कहा, ‘‘सरकार की दंगों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति है। अब तक 84 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इन आरोपियों के 50 अवैध निर्माणों की पहचान की गई है। इन अवैध निर्माणों को गिराना शुरु हो चुका है।’’
जिन अवैध ढांचों को तोड़ा जा रहा है उनमें मकान और दुकानें शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि शहर में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर अफवाह फैलाने के लिए राज्य सरकार के चार कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। चार में से तीन दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी थे, जिनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं जबकि चौथे कर्मचारी को निलंबित किया गया है।
शर्मा ने कहा कि हिंसा के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई दंगाईयों से की जाएगी।
शर्मा के साथ खरगोन आए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राकेश गुप्ता ने कहा कि शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों से की जाएगी क्योंकि उन्होंने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प लिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘दंगाइयों की पहचान कर ली गई है और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मध्य प्रदेश में दंगाइयों के लिए कोई जगह नहीं है।’’
चौहान ने एक बयान में कहा, ‘‘हमने सार्वजनिक और निजी संपत्ति वसूली अधिनियम पारित किया है। हम अधिनियम के तहत एक दावा न्यायाधिकरण का गठन कर रहे हैं और नुकसान का आकलन करने के बाद इसकी वसूली भी दंगाइयों से की जाएगी।’’
खरगोन में हुई हिंसा पर प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, ‘‘जिन घरों से पथराव किया गया, उन्हें मलबे में बदल दिया जाएगा। राज्य सरकार का रुख स्पष्ट है और किसी को भी यहां शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।’’
मंत्री ने दावा किया कि पांच राज्यों में हाल में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों से आहत कुछ लोग अब हिंसा भड़का रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘वे राज्य और देश में शांति भंग करना चाहते हैं। इन (विधानसभा चुनाव) परिणामों से भी, ऐसे लोगों को समझ नहीं आया कि देश क्या चाहता है।’’
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