देश की खबरें | फेसबुक पर नफरत फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो : शिवसेना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. शिवसेना ने मंगलवार को कहा कि फेसबुक जैसे सोशल मीडिया मंच पर नफरत फैलाने वालों और देश को तोड़ने की बातें करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, भले ही वे किसी भी पार्टी से नाता रखते हों।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुम्बई, 18 अगस्त शिवसेना ने मंगलवार को कहा कि फेसबुक जैसे सोशल मीडिया मंच पर नफरत फैलाने वालों और देश को तोड़ने की बातें करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, भले ही वे किसी भी पार्टी से नाता रखते हों।

शिवसेना ने कहा कि फेसबुक जैसी कम्पनियां केवल इस लिए नफरत फैलाने वाले किसी व्यक्ति को नजरअंदाज नहीं कर सकती क्योंकि वह सत्तारूढ़ पार्टी से है।

यह भी पढ़े | Coronavirus in Uttar Pradesh: यूपी की योगी सरकार में स्वास्थ राज्यमंत्री अतुल गर्ग कोरोना से संक्रमित.

पार्टी ने सोशल मीडिया मंच से कारोबार के नियमों और नैतिकता का पालन करने को कहा।

अमेरिका के समाचारपत्र ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने खबर प्रकाशित की थी कि फेसबुक भाजपा के कुछ नेताओं पर घृणा भरे भाषण के नियमों को लागू करने में अनदेखी करता है, जिसके बाद कांग्रेस ने आरोपों की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) कराने की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि इससे भारतीय लोकतंत्र को खतरा है और इसकी जांच जरूरी है।

यह भी पढ़े | Gujarat Rains: गुजरात में 21 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना, IMD ने जारी किया रेन अलर्ट.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाए था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी सूचना फैलाते हैं।

इसके एक दिन बाद ही शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में कहा, ‘‘ फेसबुक जैसे मंचों पर चर्चा को लेकर कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन अगर कोई इसके जरिए नफरत फैलाए, देश और समुदाय को तोड़ने की बात करे तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, भेल ही वह किसी भी पार्टी से नाता रखता हो। ’’

उसने कहा, ‘‘ फेसबुक जैसी कम्पनी नफरत फैलाने वाले किसी व्यक्ति को केवल इसलिए नजरअंदाज नहीं कर सकती क्योंकि वह सत्तारूढ़ पार्टी से है।’’

शिवसेना ने कहा कि सोशल मीडिया पर एक दूसरे को बदनाम करना एक बड़ा धंधा बन गया है, जिसके लिए पैसे दिए जाते हैं।

उसने कहा, ‘‘ आप (फेसबुक) हमारे देश में कारोबार करने आए हैं और व्यवसाय के न्यूनतम नैतिकता-नियमों का पालन तो करना ही होगा।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\