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पहलगाम हमले के बाद अवैध बांग्लादेशियों पर कार्रवाई तेज

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद से दिल्ली पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों पर कार्रवाई की है.

पहलगाम हमले के बाद अवैध बांग्लादेशियों पर कार्रवाई तेज
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद से दिल्ली पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों पर कार्रवाई की है. ज्यादातर लोगों को सीमा पार वापस भेज दिया गया है. पुलिसिया कार्रवाई अन्य राज्यों में भी हो रही है.22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले के लगभग एक महीने बाद दिल्ली पुलिस ने राजधानी भर में चलाए गए एक सघन अभियान में 470 लोगों की पहचान अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के रूप में की और 50 अन्य लोगों की पहचान ऐसे विदेशियों के रूप में की है, जो निर्धारित समय से अधिक समय तक वहां रह रहे हैं. पुलिस ने उन्हें हिंडन एयर बेस से हवाई मार्ग से त्रिपुरा के अगरतला पहुंचाया और सीमा के रास्ते उन्हें बांग्लादेश भेज दिया.

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अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ अभियान

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस अखबार को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल के अंत में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों और रोहिंग्याओं की पहचान करने और उन्हें हिरासत में लेने के लिए वेरिफिकेशन अभियान चलाने का निर्देश दिया था.

गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 15 नवंबर 2024 से 20 अप्रैल 2025 के बीच दिल्ली पुलिस ने करीब 220 अवैध प्रवासियों और 30 निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने वाले विदेशियों को पकड़ा है. उन्हें फॉर्नर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) को सौंप दिया गया, जिसके बाद उन्हें रेल और सड़क के रास्ते से पूर्वी राज्यों में ले जाया गया और भूमि सीमा के रास्ते बांग्लादेश भेज दिया गया.

इस अधिकारी ने कहा कि पहलगाम के बाद कार्रवाई में कुछ तेजी आई. अधिकारी ने कहा, "पिछले एक महीने में गाजियाबाद के हिंडन एयर बेस से करीब 3-4 विशेष उड़ानें सभी अवैध प्रवासियों को छोड़ने के लिए अगरतला गई हैं." अधिकारियों के मुताबिक पिछले छह महीनों में कुल मिलाकर करीब 700 अवैध प्रवासियों को वापस बांग्लादेश भेजा गया है.

दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से ही पुलिस कार्रवाई में तेजी नजर आ रही है और सभी जिलों में पुलिस अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने में जुटी है.

जाली दस्तावेज का इस्तेमाल

जिला पुलिस, क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने ऐसे लोगों के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज कीं, ताकि पता लगाया जा सके कि किसने अवैध रूप से आए लोगों के प्रवेश के लिए सुविधाएं मुहैया कराईं. पुलिस यह भी पता लगाना चाहती है कि उनके लिए भारत में बसने की व्यवस्था किसने की, फर्जी पहचान दस्तावेज किसने बनाए और दिल्ली में नौकरियों की व्यवस्था किसने और कैसे की.

इं‌डिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक 27 मई को भारत ने 67 बांग्लादेशियों को वापस भेजा, जबकि 28 मई को 13 लोग भारत-बांग्लादेश सीमा की जीरो लाइन पर फंसे रहे. इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड्स ने इन्हें अपने देश में घुसने से रोक दिया, जबकि भारत ने भी इन्हें वापस लेने से मना कर दिया.

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देश भर में कार्रवाई

हाल के दिनों में देश में अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सख्त कार्रवाई की है. हाल ही में त्रिपुरा, गुजरात के भरूच और वडोदरा में बड़े स्तर पर गिरफ्तारियां हुई हैं. राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भी पुलिस ऐसे लोगों को पकड़ रही है जो अवैध तरीके से भारत में दाखिल हुए.

21 और 22 मई को गुजरात के अहमदाबाद के चंडोला इलाके में कथित बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अतिक्रमण अभियान चलाया गया था. रिपोर्टों के मुताबिक अतिक्रमण अभियान में हजारों घरों को ढहाया गया. संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) जयपाल एस राठौर ने मीडिया से कहा था कि नगर निगम और पुलिस नियमों के अनुरूप ही कार्रवाई कर रही है.

उन्होंने आगे कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हमने ऐसे लोगों को भी चिन्हित कर लिया है, जिन्हें आगे चलकर वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए जाएंगे. हालांकि कई प्रभावित लोगों ने मीडिया को बताया कि उनके पास अब रहने के लिए घर नहीं है और किराये का मकान भी नहीं मिल रहा है. गुजरात के अधिकारियों ने 143 व्यक्तियों को अवैध अप्रवासी के रूप में पहचान की है, जिनमें से 110 पर जाली पहचान दस्तावेज रखने का आरोप हैं. अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने इस अभियान का बचाव करते हुए कहा कि "उस क्षेत्र में हर कोई भूमि हड़पने वाला है."

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हाल ही में भारत ने बांग्लादेश से कहा था कि वह भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगा. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक हैं और उन्हें उनके देश वापस भेजना जरूरी है. हाल ही में बांग्लादेश के गृह मंत्रालय के सलाहकार मोहम्मद जहांगीर आलम चौधरी ने कहा था कि अवैध प्रवासियों को उचित चैनलों के जरिए ही वापस करना चाहिए.

(The above story first appeared on LatestLY on May 29, 2025 04:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).