देश की खबरें | छेड़खानी के आरोपी को अदालत ने दी नशा मुक्ति केंद्र में सामुदायिक सेवा करने की सजा

नयी दिल्ली, 28 मार्च दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महिला से छेड़खानी और उसे धमकाने वाले एक व्यक्ति को नशा मुक्ति केंद्र में एक महीने सामुदायिक सेवा करने की सजा दी है।

पीड़ित महिला अपनी शिकायत पर आगे की कार्रवाई नहीं चाहती थी इसलिए अदालत ने आरोपी के विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामले को रद्द करने की अनुमति दी।

अदालत ने इस मामले में कहा, “अंततः पीड़िता को ही भुगतना पड़ता है। उसे याचिकाकर्ता द्वारा प्रताड़ित किया गया और याचिकाकर्ता के विरुद्ध जारी कार्यवाही में पीड़िता को और परेशानी होगी।”

न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने आरोपी को ऐसे काम भविष्य में न करने की चेतावनी दी और उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जो तीन सप्ताह में भरना होगा।

उच्च न्यायालय ने 26 मार्च को दिए आदेश में कहा, “तथ्यों और याचिकाकर्ता के आचरण को देखते हुए यह अदालत याचिकाकर्ता को अपने पाप धोने के लिए सामुदायिक सेवा करने का आदेश देती है। उसे भविष्य में ऐसा काम न करने की चेतावनी दी जाती है।”

अदालत ने कहा, “याचिकाकर्ता को दरियागंज स्थित सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ यूथ एंड मासेज सेंटर पर चलाए जा रहे नशा मुक्ति केंद्र में एक महीने सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया जाता है।”

अदालत ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र पर व्यक्ति की अनुपस्थिति या दुर्व्यवहार की दशा में केंद्र को संबंधित थाना प्रभारी को इसकी सूचना देनी होगी और मामला अदालत के सामने पेश करना होगा।

पिछले साल दिल्ली के विकासपुरी थाने में 15 जुलाई को एक आपराधिक मामला दर्ज कराया गया था जिसमें उक्त व्यक्ति पर एक महिला ने छेड़खानी और परेशान करने का आरोप लगाया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)