डेनमार्क के अध्ययन के मुताबिक देश की 1.8 प्रतिशत आबादी में रहा होगा वायरस
एसएसआई अध्ययन करने वाले परियोजना समूह के अगुवा स्टीन इथलबर्ग ने कहा, “इसके अलावा, इन आंकड़ों को डेनमार्क की संपूर्ण आबादी के प्ररिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए या नहीं, यह इस बात से भी प्रभावित हो सकता है कि संक्रमण के विभिन्न स्वरूपों वाले समूह परीक्षण की पेशकश को चुनते हैं या नहीं।”
स्टेटन्स सीरम इंस्टीट्यूट या एसएसआई ने कहा कि डेनमार्क के पांच शहरों से बीच बीच में से चुने गए 2,600 लोग जिनका एंटीबॉडी परीक्षण किया गया, उन पर किए गए अध्ययन के आंकड़ों का “बेहद सावधानी से अर्थ निकाला जाना चाहिए।”
एसएसआई अध्ययन करने वाले परियोजना समूह के अगुवा स्टीन इथलबर्ग ने कहा, “इसके अलावा, इन आंकड़ों को डेनमार्क की संपूर्ण आबादी के प्ररिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए या नहीं, यह इस बात से भी प्रभावित हो सकता है कि संक्रमण के विभिन्न स्वरूपों वाले समूह परीक्षण की पेशकश को चुनते हैं या नहीं।”
उन्होंने कहा कि ये परिणाम “अध्ययन का पहला उपलब्ध कराया गया हिस्सा है” और अधिक परिणाम आने वाले हफ्तों में सामने आ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सही तस्वीर समझने के लिए 6,000 लोगों की “जांच करनी होगी ताकि देश भर के हिसाब से वांछित स्पष्टता मिल सके।”
एसएसआई रिपोर्ट के हवाले से डेनमार्क की मीडिया ने अनुमान लगाया है कि वायरस धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है।
डेनमार्क में 11 मार्च को लॉकडाउन लगाया था और हाल के हफ्तों में देश में धीरे-धीरे लॉकडाउन खोला गया है जहां म्यूजियम और सिनेमाघर फिर से खुले हैं तथा अस्पताल अपनी कोरोना वायरस इकाइयों को बंद कर रहे हैं।
एपी
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)