नयी दिल्ली, आठ फरवरी स्वराज इंडिया पार्टी के सह-संस्थापक और चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव ने शनिवार को कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की हार न केवल पार्टी के लिए बल्कि पूरे विपक्ष के लिए झटका है। उन्होंने कहा कि नतीजों से पार्टी के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि अब यह केवल पंजाब तक ही सीमित रह गयी है।
आप के संस्थापक सदस्यों में से एक यादव को 2015 में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। यादव ने कहा कि यह उन सभी लोगों के लिए भी झटका है जो देश में वैकल्पिक राजनीति का सपना देखते थे।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ आप के लिए ही नहीं बल्कि उन सभी के लिए झटका है जिन्होंने 10-12 साल पहले इस देश में वैकल्पिक राजनीति का सपना देखा था। यह आप का समर्थन करने वाली सभी पार्टियों और देश के समूचे विपक्ष के लिए झटका है।’’
यादव ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘आप कह सकती है कि वोट शेयर के मामले में वे (भाजपा से) सिर्फ 4-5 प्रतिशत पीछे हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया का तमाम प्रयासों के बावजूद हारना बहुत बड़ा झटका है, जिससे पार्टी के भविष्य पर सवाल उठता है।’’
यादव ने कहा कि सत्ता में आने के बाद आप केवल कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित हो गई।
यह पूछे जाने पर कि आप से वोटों के खिसकने का क्या कारण हो सकता है, यादव ने कहा कि पहले मोदी के कई समर्थक, जिन्होंने लोकसभा में भाजपा को वोट दिया था, विधानसभा चुनावों में आप का समर्थन करते थे। यादव ने कहा कि लेकिन इस बार उनमें से कुछ विधानसभा चुनाव में भी भाजपा के साथ रहे।
यादव ने दिल्ली के उपराज्यपाल और आप सरकार के बीच लगातार झगड़े को भी पार्टी की चुनावी विफलता का कारण बताया। उन्होंने कहा, ‘‘जो टकराव चल रहा था, बुनियादी कामों की उपेक्षा हो रही थी, तथा उपराज्यपाल और सरकार के बीच प्रतिदिन होने वाली लड़ाइयां शायद मोदी समर्थकों को यह महसूस करा रही थीं कि उन्हें इस बार भाजपा का समर्थन करना चाहिए।’’
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