देश की खबरें | आप सांसद ने एमएसपी समिति, सीएसीपी में पंजाब को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने का केंद्र से किया आग्रह

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आम आदमी पार्टी (आप) सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने बुधवार को केंद्र से कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए हाल ही में गठित समिति में पंजाब सरकार के एक प्रतिनिधि और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों को शामिल करने का आग्रह किया।

नयी दिल्ली, 20 जुलाई आम आदमी पार्टी (आप) सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने बुधवार को केंद्र से कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए हाल ही में गठित समिति में पंजाब सरकार के एक प्रतिनिधि और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों को शामिल करने का आग्रह किया।

साहनी ने एक बयान में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से अनुरोध किया कि निष्पक्ष रहते हुए कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) में पंजाब को ‘‘पर्याप्त’’ प्रतिनिधित्व दें, साथ ही राज्य के किसानों के प्रतिनिधियों को शामिल करें। उन्होंने कहा कि संवाद से बचने या पंजाब के प्रतिनिधियों के सुझावों को नहीं सुनने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा।

सीएसीपी एक स्वायत्त निकाय है जो 24 कृषि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की सरकारी दर की सिफारिश करता है।

पंजाब से आप के राज्यसभा सदस्य साहनी ने कहा, ‘‘मैं कृषि मंत्री से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि एमएसपी को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए गठित समिति में पंजाब सरकार के प्रतिनिधि और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के कुछ कृषि विशेषज्ञों को शामिल करें।’’

साहनी ने कहा, ‘‘यहां तक ​​कि कृषि लागत और मूल्य आयोग में भी, गैर-सरकारी सदस्य यानी किसान प्रतिनिधियों के लिए सीटें खाली हैं और (उन्हें) निष्पक्ष होने के लिए पंजाब से पर्याप्त प्रतिनिधित्व के साथ तुरंत भरा जाना चाहिए।’’

तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेते हुए इस तरह की एक समिति का गठन करने का वादा करने के आठ महीने बाद, केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा मंगलवार को एमएसपी को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए एक समिति को अधिसूचित किये जाने के बाद से आप केंद्र का विरोध कर रही है।

अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी आप ने पूर्व कृषि सचिव संजय अग्रवाल की अध्यक्षता वाले 26 सदस्यीय समिति के गठन पर आपत्ति जतायी है क्योंकि इसमें पंजाब सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं है।

साहनी ने कहा, ‘‘यह बहुत अजीब है कि समिति में पंजाब का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है, जबकि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, सिक्किम और ओडिशा के आधिकारिक प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।’’

उन्होंने कहा कि यह एक सर्वविदित तथ्य है कि एमएसपी के तहत सबसे ज्यादा खरीद पंजाब में की जाती है, लेकिन यह 'हैरान करने वाला' है कि इतनी महत्वपूर्ण समिति और आयोग में राज्य को कैसे छोड़ दिया गया।

साहनी ने कहा, ‘‘पंजाब के प्रतिनिधियों से संवाद या सुझावों को सुनने से बचने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा।’’ साहनी ने आश्वासन दिया कि वह संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में मुद्दों को उठाएंगे।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी राज्य को एमएसपी समिति में प्रतिनिधित्व नहीं देने के लिए केंद्र को आड़े हाथ लिया।

आप नेता और पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि पंजाब को एमएसपी समिति से ‘‘जानबूझकर’’ बाहर रखा गया । उन्होंने इसे राज्य के लोगों का ‘‘अपमान’’ करार दिया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\