नयी दिल्ली, 17 अगस्त दिल्ली में सत्तारूढ़ आप विधायकों ने विधानसभा में पेश याचिका समिति की रिपोर्ट से कथित तौर पर तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश करने और सदन की कार्यवाही में बाधा डालने को लेकर बृहस्पतिवार को भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता के खिलाफ विशेषाधिकार समिति से जांच कराने की मांग की।
आम आदमी पार्टी (आप) विधायक संजीव झा ने मांग की कि विशेषाधिकार समिति द्वारा मामले की जांच होने तक गुप्ता को सदन से निलंबित किया जाए।
उनके साथी विधायक मदन लाल ने उनसे सहमति जताते हुए कहा, “वह यहां रहने के लायक नहीं हैं।”
दिल्ली विधानसभा की उपाध्यक्ष राखी बिड़लान ने कहा कि गुप्ता सुबह से सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं। इस पर भारतीय जनता पार्टी के विधायकों की उनसे नोकझोंक हो गई।
मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि आप विधायक बहुमत में होने के कारण विपक्ष की आवाज को दबा रहे हैं। उन्होंने विधानसभा में रिपोर्ट पेश करने के तरीके पर भी विरोध जताया।
उन्होंने कहा, “हमारी आवाज दबाई जा रही है। लेकिन आप हमारी आवाज नहीं दबा सकते। मैं आसन का सम्मान करता हूं।”
बिड़लान ने आरोप लगाया कि विपक्षी सदस्य गुप्ता के माध्यम से सदन की कार्यवाही को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “यह निंदनीय और शर्मनाक है कि दिल्ली विधानसभा में पेश की गई रिपोर्ट के तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। विपक्षी सदस्य जनकल्याण के मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहते।”
बिड़लान ने कहा, “गुप्ता जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। जिस तरह से उन्होंने याचिका समिति की रिपोर्ट के तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया, वह भी अवमानना का मामला है। अगर आप दोबारा ऐसा करेंगे तो मैं आप विधायक संजीव झा के प्रस्ताव पर कार्रवाई करने को मजबूर हो जाऊंगी।”
उन्होंने विपक्षी सदस्यों को ‘संयमित व्यवहार’ की सलाह दी।
आप विधायक संजीव झा ने कहा कि गुप्ता नियमित रूप से सदन की कार्यवाही को अवरुद्ध कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि अध्यक्ष उनके प्रस्ताव पर सदन की सहमति लें।
उनके संबोधन के बाद भाजपा विधायक फिर खड़े हो गए, जिस पर बिड़लान ने कहा, “क्या यहां कॉमेडी नाइट्स चल रही है? आप क्यों हंस रहे हैं?”
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