देश की खबरें | आप सरकार ने कोरोना मरीजों की संख्या में वृद्धि के अनुमान के बाद भी प्रावधानों में ढील दी : अदालत
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 19 नवंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को आप सरकार से सवाल किया कि त्यौहारी सीज़न के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस मामलों में वृद्धि होने का सितंबर में ही अनुमान लगाने के बावजूद सार्वजनिक आवाजाही पर रोक में ढील जैसे कदम उठाए गए और पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गयी।

अदालत ने यह भी कहा कि उस महीने की सीरो सर्वेक्षण रिपोर्ट में भी मामलों में वृद्धि की आशंका जतायी गयी थी।

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अदालत ने कहा, "आपको (दिल्ली सरकार को) अपने यहां व्यवस्था ठीक रखनी चाहिए थी। आपको पता था कि वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली की स्थिति इस अवधि में खराब हो जाती है। आपको पता था कि वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ शीत लहर सांस की समस्या वाले लोगों के लिए परेशानी पैदा करेगी।’’

न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद की पीठ ने कहा कि आप जानते थे कि यह दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए कितना घातक है।

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पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सितंबर में खुद ही अनुमान लगा लिया था कि त्यौहारी सीजन के दौरान अक्टूबर-नवंबर में मामले बढ़ेंगे और उसने आईसीयू बेड की संख्या बढ़ाने का फैसला किया था।

अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में दिल्ली सरकार ने बाजारों को खोल दिया और पूरी क्षमता के साथ सार्वजनिक परिवहन चलाने की अनुमति दी।

पीठ ने राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस जांच में वृद्धि और जल्दी रिपोर्ट देने के अनुरोध वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। यह याचिका अधिवक्ता राकेश मल्होत्रा ने दायर की है।

सुनवाई के दौरान, दिल्ली सरकार ने कहा कि वह स्थिति से वाकिफ है और अस्पतालों में आईसीयू बेड बढ़ाने की प्रक्रिया में है। उसने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार ने अतिरिक्त 750 आईसीयू बेड की पेशकश की है जिनमें से 250 बेड अगले सप्ताह उपलब्ध होंगे।

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