नयी दिल्ली, 11 जुलाई वन संरक्षण संशोधन विधेयक पर विचार करने वाली संसद की एक संयुक्त समिति ने मंगलवार को रिपोर्ट को अंगीकार कर लिया हालांकि कुछ सदस्यों ने असहमति भी व्यक्त की है। अब संसद के मानसून सत्र में वन संरक्षण संशोधन विधेयक पेश किये जाने की संभावना है।
समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि रिपोर्ट को अंगीकार कर लिया गया है और अब इसे आगामी सत्र के दौरान संसद में पेश किया जायेगा। उन्होंने हालांकि रिपोर्ट का ब्यौरा देने से मना कर दिया।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने संसद के बजट सत्र में विधेयक पेश किया था। विधेयक के माध्यम से वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया था। इसके तहत अधिनियम के दायरे से भूमि की कुछ श्रेणियों को छूट देने का भी प्रस्ताव है, ताकि राष्ट्रीय महत्व की रणनीतिक और सुरक्षा संबंधी परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सके।
कुछ विपक्षी दलों और संगठनों ने इस विधेयक का विरोध किया है।
कांग्रेस सांसद एवं समिति के सदस्य प्रद्ययुत बोरदोलोई ने कहा कि अंतिम रिपोर्ट के कई प्रावधानों के खिलाफ उन्होंने असहमति का नोट दिया है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ अन्य सदस्यों ने भी असहमति जताया है।
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