देश की खबरें | उत्तराखंड के मदरसों में पढ़ रहें हैं 749 गैर मुसलमान बच्चे: उत्तराखंड मदरसा बोर्ड की रिपोर्ट

देहरादून, छह नवंबर उत्तराखंड के मदरसा बोर्ड की रिपोर्ट में कहा गया है कि हरिद्वार, नैनीताल और उधमसिंह नगर जिलों के 30 मदरसों में 749 गैर-मुसलमान बच्चे पढ़ रहे हैं, जिसके बाद कांग्रेस ने शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है।

उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार हरिद्वार, नैनीताल और उधमसिंह नगर जिलों के 30 मदरसों में 749 गैर मुसलमान बच्चे पढ़ रहे हैं ।

रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य भर में मदरसों में कुल 7399 विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं।

कांग्रेस की प्रदेश इकाई की प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह राज्य में शिक्षा प्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह राज्य में शिक्षा की बदहाल स्थिति को दर्शाता है जहां पिछले सात सालों से भाजपा सत्ता में है । आखिरकार किस वजह से गैर मुसलमान परिवारों ने अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों की बजाय मदरसों में पढ़ने भेजा होगा ?’’

उन्होंने कहा कि यह राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है ।

दसौनी ने कहा, ‘‘ यह भाजपा सरकार के गुणवत्तापरक शिक्षा और हिंदुत्व के बारे में किए जा रहे बड़े-बड़े दावों के खोखलेपन को दिखाता है । उन्होंने पूछा कि क्या यह उसका नया हिंदुत्व मॉडल है ।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर गैर मुसलमान परिवारों को अपने बच्चों को मदरसों में पढ़ने भेजना पड़ रहा है तो भाजपा सरकार को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए । उन्होंने कहा कि अगर राज्य में शिक्षा का अधिकार अधिनियम ढ़ंग से लागू किया जाता तो इन बच्चों को अच्छे स्कूलों में प्रवेश मिल गया होता ।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव एल फेनई को नौ नवंबर को तलब किए जाने के बारे में दसौनी ने कहा कि राज्य के शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत को भी आयोग द्वारा बुलाया जाना चाहिए था ।

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