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कोरोना वायरस के खिलाफ जारी अभियान के बीच हुई गेहूं के 67 प्रतिशत रकबे की कटाई

मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘‘मौजूदा अनिश्चितता के बीच कृषि संबंधी कार्य उम्मीद बढ़ाने वाली गतिविधि है, जो देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है। पूरे देश में कई किसान और खेतिहर मजदूर सभी विपत्तियों से लड़ने के लिए पसीना बहा रहे हैं और मेहनत कर रहे हैं।’’

कोरोना वायरस के खिलाफ जारी अभियान के बीच हुई गेहूं के 67 प्रतिशत रकबे की कटाई
जमात

नयी दिल्ली, 19 अप्रैल कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के जारी अभियान के बीच सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए देश में अब तक गेहूं के कुल 310 लाख हेक्टेयर रकबे के 67 प्रतिशत में कटाई की जा चुकी है। कृषि मंत्रालय ने रविवार को इसकी जानकारी दी।

मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘‘मौजूदा अनिश्चितता के बीच कृषि संबंधी कार्य उम्मीद बढ़ाने वाली गतिविधि है, जो देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है। पूरे देश में कई किसान और खेतिहर मजदूर सभी विपत्तियों से लड़ने के लिए पसीना बहा रहे हैं और मेहनत कर रहे हैं।’’

केन्द्र और राज्य सरकारों के समय-समय पर हस्तक्षेप के साथ किसानों के मौन प्रयासों ने सुनिश्चित कर दिया है कि कटाई संबंधी कार्यों और गर्मियों की फसलों की निरंतर बुवाई में कोई बाधा नहीं है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में 310 लाख हेक्टेयर भूमि में बोई गई गेहूं की कुल रबी फसल में से 63-67 प्रतिशत की कटाई हो चुकी है। राज्यवार कटाई भी बढ़ी है और यह मध्य प्रदेश में 90-95 प्रतिशत, राजस्थान में 80-85 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में 60- 65 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

हरियाणा, पंजाब और उत्‍तर प्रदेश में कटाई अपने चरम पर है और इस महीने के अंत तक इसके पूरा हो जाने की संभावना है।

पंजाब में फसल काटने की 18 हजार मशीनों को काम पर लगाया गया है, जबकि हरियाणा ने कटाई और थ्रेशिंग के लिए पांच हजार मशीनें लगायी हैं।

इस बीच चना, मसूर, उड़द, मूंग और मटर जैसी दलहनों की भी 161 लाख हेक्टेयर जमीन में बोयी गयी फसल की कटाई हो चुकी है।

हालांकि गन्ने के मामले में कुल 54.29 लाख हेक्टेयर में बोयी गयी फसल की महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पंजाब में कटाई पूरी हो चुकी है।

तमिलनाडु, बिहार, हरियाणा और उत्तराखंड जैसे राज्यों में 92-99 प्रतिशत कटाई पूरी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश में 75-80 प्रतिशत कटाई पूरी हो चुकी है और यह मई के मध्य तक जारी रहेगी।

तिलहन फसलों के मामले में 69 लाख हेक्टेयर में बोयी गयी सरसों की फसल की राजस्थान, उत्‍तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, गुजरात, छत्तीसगढ़, बिहार, पंजाब, असम, अरुणाचल प्रदेश और जम्‍मू कश्मीर में कटाई हो चुकी है।

मूंगफली की 4.7 लाख हेक्टेयर में बोयी गयी फसल में से करीब 90 प्रतिशत की कटाई हो चुकी है।

इसी तरह आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, केरल, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में 28 लाख हेक्टेयर जमीन में रबी धान की बोई गयी फसल की कटाई आरंभिक अवस्‍था में है। इसका कारण है कि रबी मौसम की इस फसल में अभी दाने अभी पक रहे हैं और इनकी कटाई का समय अलग-अलग होता है।

जिन क्षेत्रों में रबी फसलों की कटाई हो चुकी है, वहां किसानों ने खरीफ फसलों के लिये खेतों को तैयार करना शुरू कर दिया है। अभी तक किसानों ने 52.78 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई कर ली है, जो पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक रकबा है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 19, 2020 10:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).