जरुरी जानकारी | जीएसटी से राज्यों को 60 से 70 प्रतिशत राजस्व का नुकसान: तेलंगाना

हैदराबाद, 27 अगस्त माल एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था से राज्यों को 60 से 70 प्रतिशत की कर राजस्व हानि हुई है। जबकि केंद्र का नुकसान मात्र 31 प्रतिशत रहा है। यह बात तेलंगाना के वित्त मंत्री हरीश राव ने कही जो बृहस्पतिवार को जीएसटी परिषद की बैठक में शामिल हुए।

आधिकारिक बयान के अनुसार तेलंगाना ने एकीकृत जीएसटी पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता में बने मंत्रिसमूह से प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने और तेलंगाना का 2,700 करोड़ रुपये का एकीकृत जीएसटी बकाया जारी करने की मांग की।

यह भी पढ़े | Cashback Offer: एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग पर अभी बचाएं 50 रुपये, Amazon Pay पर ऐसे मिलेगा फायदा.

उन्होंने कहा कि सभी राज्य जीएसटी व्यवस्था में इसलिए शामिल हुए थे क्योंकि केंद्र सरकार ने राज्यों के राजस्व में किसी तरह का नुकसान नहीं होने का आश्वासन दिया था। जीएसटी मुआवजे का भुगतान करने की पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है।

बयान में राव के हवाले से कहा गया है कि जीएसटी व्यवस्था के चलते राज्यों के राजस्व में 60 से 70 प्रतिशत की कमी आयी है, जबकि केंद्र सरकार का राजस्व मात्र 31 प्रतिशत घटा है। ‘इसलिए केंद्र सरकार को जीएसटी मुआवजे का भुगतान करना ही होगा।’’

यह भी पढ़े | JEE And NEET Exams Guidelines: जेईई मेन (JEE Main) और नीट (NEET) परीक्षा से पहले NAT ने जारी की गाइडलाइन, छात्रों को करना होगा इन नियमों का पालन.

तेलंगाना देश के शीर्ष पांच सबसे अधिक जीएसटी भुगतान करने वाले जबकि सबसे कम मुआवजा पाने वाले राज्यों में से एक है।

राज्य ने केन्द्र को जीएसटी उपकर के रूप में 19,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जबकि उसे इसमें से केवल 3,223 करोड़ रुपये ही वापस मिले हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)