जरुरी जानकारी | मैकडोनाल्ड्स पर 52 अश्वेत पूर्व फ्रेंचाइजी ने दर्ज कराया भेदभाव का मामला

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. इन सभी का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें कम लाभ वाले रेस्तरां चलाने को दिए। साथ ही उन्हें कंपनी से उस तरह का समर्थन नहीं मिलता था जिस तरह का श्वेत फ्रेंचाइजी लोगों को दया गया था।

इन सभी का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें कम लाभ वाले रेस्तरां चलाने को दिए। साथ ही उन्हें कंपनी से उस तरह का समर्थन नहीं मिलता था जिस तरह का श्वेत फ्रेंचाइजी लोगों को दया गया था।

ये 52 अश्वेत फ्रेंचाइजी अमेरिका में कुल करीब 200 स्टोर के मालिक थे। इन को पिछले एक दशक में अपने रेस्तरां बेचने पर मजबूर होना पड़ा। इन्होंने वाद दायर कर कंपनी से हर स्टोर के लिए 40 लाख से 50 लाख डॉलर मुआवजे की मांग की है।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: यहां सरकारी टीचरों की बल्ले-बल्ले, कोरोना काल में सैलरी बढ़ोतरी का हुआ ऐलान.

यह वाद मंगलवार को शिकागो की संघीय अदालत में दायर किया। मैकडोनाल्ड्स का मुख्यालय यहीं है।

दायर वाद के मुताबिक मैकडोनाल्ड्स ने इन अश्वेत फ्रेंचाइजी को कम बिक्री वाले आंतरिक शहरों के स्टोर दिए। साथ ही इन स्टोर की सुरक्षा और बीमा लागत भी बहुत ऊंची थी।

यह भी पढ़े | UPSC (CSE) Prelims Admit Card 2020: यूपीएससी ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए जारी किया एडमिट कार्ड, upsc.gov.in से ऐसे करें डाउनलोड.

कंपनी ने उन्हें स्टोर को लेकर भ्रामक वित्तीय जानकारियां दी और उन पर जल्दी स्टोर खरीदने को लेकर निर्णय करने का दबाव बनाया। इतना ही नहीं जैसे कोई अश्वेत फ्रेंचाइजी इनमें से किसी रेस्तरां का मालिक बनता जो उन्हें श्वेत लोगों की तुलना में कम समय में रेस्तरां की दोबारा साजसज्जा करने का वक्त दिया जाता। साथ ही उन्हें कंपनी से किराया माफी या अन्य वित्तीय सहायता भी नहीं दी जाती जैसी कि श्वेत फ्रेंचाइजी को दी जाती थी ।

वादियों का आरोप है कि उन्हें अच्छी जगहों पर ज्यादा लाभ वाले स्टोर का मालिक बनने से भी रोक दिया जाता। इसका परिणाम यह होता कि उनकी सालाना औसत आय करीब 20 लाख डॉलर रहती जबकि अमेरिका में मैकडोनाल्ड्स के एक एक स्टोर की औसत आय 2011 से 2016 के बीच 27 लाख डॉलर और 2019 में 29 लाख डॉलर रही।

वादियों के वकील जेम्स फेराओ ने कहा कि मैकडोनाल्ड्स के रेस्तरां की आय सिर्फ एक ही कारक पर निर्भर करती है और वह है रेस्तरां का स्थान।

फेराओ ने कहा कि पिछले दो दशक में मैकडोनाल्ड्स के अश्वेत फ्रेंचाइजी की संख्या आधी रह गयी। 1998 में जहां 377 अश्वेत फ्रेंचाइजी स्टोर थे, वहीं अब इनकी संख्या 186 रह गयी। जबकि इस दौरान कंपनी के स्टोर की संख्या दोगुनी होकर करीब 36,000 हो गयी।

मैकडोनाल्ड्स का अश्वेत फ्रेंचाइजी के साथ बुरा इतिहास रहा है। 1969 में प्रदर्शनकारियों ने क्लीवलैंड में उसके चार रेस्तरां का बहिष्कार कर दिया था और अंत में कंपनी को उन्हें अश्वेत मालिकों को बेच दिया।

वर्ष 1983 में लॉस एंजिलिस में एक अश्वेत फ्रेंचाइजी ने कंपनी पर भेदभाव का आरोप लगाया और कंपनी को उसे 45 लाख डॉलर का भुगतान करना पड़ा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Australia Women vs India Women, 3rd ODI Match Preview: आज ऑस्ट्रेलिया महिला बनाम भारत महिला के बीच खेला जाएगा अहम मुकाबला, मैच से पहले जानिए हेड टू हेड रिकॉर्ड्स, मिनी बैटल, स्ट्रीमिंग समेत सभी डिटेल्स

Gold Rate Today, March 01, 2026: उतार-चढ़ाव के बीच सोने की कीमत में स्थिरता, जानें दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में 22K और 24K के आज के ताज़ा भाव

Weather Forecast Today: उत्तर और मध्य भारत में गर्मी का असर शुरू, पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश की संभावना; जानें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई सहित अन्य राज्यों में आज कैसा रहेगा मौसम

Ayatollah Ali Khamenei Dies: अमेरिका के दावे के बीच ईरानी स्टेट मीडिया की पुष्टि, US-इज़रायल के हमले में ईरान के ‘सुप्रीम लीडर’ खामेनेई की मौत

\