देश की खबरें | कठुआ में सेना पर घात लगाकर किए गए हमले के सिलसिले में ट्रक चालक समेत 51 लोग हिरासत में

जम्मू, 10 जुलाई जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में हुए हमले में शामिल आतंकवादियों को पकड़ने के लिए तलाश अभियान बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान एक ट्रक चालक और 50 अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इस हमले में सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार यह ट्रक शुरू में माचेडी-किंडली-मल्हार पहाड़ी सड़क पर सेना के वाहनों के पीछे था।

सोमवार को हुए इस हमले में एक जूनियर कमीशंड अधिकारी सहित पांच सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे।

टिप्पर चालक पर संदेह जताया गया है और अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या उसने पुलिया पर पास मांगकर जानबूझकर (सैन्य) काफिले के निकलने में देरी कराई थी।

एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘‘आमतौर पर इन इलाकों में सेना के वाहनों को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन टिप्पर ने फिर भी पास मांगा, जिससे दोनों वाहनों की गति धीमी हो गई।’’

अधिकारियों ने बताया कि कठुआ के अलावा चार जिलों के घने जंगलों में रुक-रुककर हो रही भारी बारिश के बीच सेना और पुलिस का तलाश अभियान जारी है।

उन्होंने कहा कि यह अभियान तीन अलग-अलग इलाकों- कठुआ, उधमपुर और भद्रवाह से शुरू किया गया और इसके परिणामस्वरूप सुरक्षाबलों ने घात लगाकर किए गए हमले के सिलसिले में पूछताछ के लिए 50 लोगों को हिरासत में लिया है।

उन्होंने कहा कि माना जा रहा है कि आतंकी जंगल में छिपे हैं और उन्हें पकड़ने या फिर मार गिराने के प्रयास जारी हैं।

उन्होंने कहा कि डोडा जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में एक और तलाश अभियान जारी है, जहां कठुआ में घात लगाकर किए गए हमले के एक दिन बाद मंगलवार शाम आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई थी।

कठुआ में घात लगाकर किए गए हमले से संबंधित तलाश अभियान के बारे में अधिकारियों ने बताया कि उधमपुर, सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों के घने जंगलों के विभिन्न भागों में सेना एवं पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।

उन्होंने बताया कि सांबा के लाला चक, राजौरी के मंजाकोट इलाके और पुंछ के सुरनकोट इलाके में बुधवार की सुबह नया तलाश अभियान शुरू किया गया।

कठुआ के बदनोटा में घात लगाकर किए गए हमले की पृष्ठभूमि में बदनोटा और इसके आस-पास के गांवों में रहने वाले लोगों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जतायी है। उन्होंने मांग की है कि आत्मरक्षा के लिए और आतंकवादियों की ओर से उत्पन्न खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ग्राम रक्षा समूहों को मंजूरी दी जानी चाहिए।

स्थानीय निवासियों ने सरकार से आग्रह किया है कि उन्हें हथियार और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए ताकि वे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों की सहायता कर सकें।

अधिकारियों ने बताया कि तलाश अभियान दलों की हेलीकॉप्टर और यूएवी से निगरानी के माध्यम से मदद की जा रही है। इसके अलावा, खोजी श्वान दस्तों को तैनात किया गया है और क्षेत्र के विशेष रूप से घने जंगल वाले इलाकों में मेटल डिटेक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक टीम ने घात लगाकर किए गए हमले के स्थान का दौरा किया और वह जांच में पुलिस की सहायता कर रही है।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘शांति और सुरक्षा के लिए अपने संकल्प के साथ एकजुट स्थानीय निवासी, क्षेत्र से आतंकवाद को खत्म करने में सुरक्षा बलों की सहायता के लिए तैयार हैं।’’

अधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण और शस्त्रीकरण के माध्यम से सशक्तीकरण का आह्वान हिंसा के ऐसे कृत्यों के खिलाफ अपनी मातृभूमि की रक्षा करने के समुदाय के दृढ़ संकल्प को रेखांकित करता है।

स्थानीय निवासी जगदीश राज ने कहा, ‘‘सरकार को हमें हथियार और प्रशिक्षण प्रदान करना चाहिए, हम आतंकवादियों के खिलाफ अपनी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने के लिए तैयार हैं।’’

छात्र पंकज (20) ने कहा कि घात लगाकर किए गए हमले ने स्थानीय लोगों में भय पैदा कर दिया है, लेकिन ‘‘जब आपके हाथ में हथियार होते हैं तो स्थिति पूरी तरह बदल जाती है।’’

उन्होंने क्षेत्र के स्थानीय युवाओं के लिए विशेष भर्ती अभियान की मांग करते हुए कहा, ‘‘हम तेजी से जंगलों में जा सकते हैं और आतंकवाद के खतरे से निपटने में मदद कर सकते हैं।’’

आतंकी खतरे के कारण ऊंचे इलाकों से माचेडी चले जाने का दावा करने वाले शाहिद अहमद ने कहा कि इलाके के मुसलमान और हिंदू शांति चाहते हैं और आतंकवाद को खत्म करने में सुरक्षा बलों की मदद करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सैनिकों की शहादत पर हमारी आंखें भर आईं। दो दशक पहले आतंकवाद के चरम पर होने के दौरान भी ऐसा हमला (यहां) कभी नहीं हुआ था।’’

उन्होंने कहा कि सरकार को इस खतरे से लड़ने के लिए उन्हें हथियार और प्रशिक्षण प्रदान करना चाहिए।

अहमद ने कहा, ‘‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम अपनी सेना के साथ हैं।’’

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