विदेश की खबरें | 50 साल पहले, मनुष्यों ने अंतरिक्ष से पृथ्वी की पहली पूरी तस्वीर ली थी, अब एक और लेने का समय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. प्रेस्टन (यूके), आठ नवंबर (द कन्वरसेशन) ‘‘दुनिया में हर किसी को यह करना चाहिए। दुनिया में हर किसी को यह देखना चाहिए।’’ पूर्व स्टार ट्रैक अभिनेता 90 वर्षीय विलियम शैटनर 13 अक्टूबर 2021 को अंतरिक्ष में मुश्किल से चार मिनट बिताने के बाद जब ब्लू ओरिजिन रॉकेट से बाहर निकले तो भावविभोर होकर उन्होंने सबसे पहले यही शब्द कहे थे।
प्रेस्टन (यूके), आठ नवंबर (द कन्वरसेशन) ‘‘दुनिया में हर किसी को यह करना चाहिए। दुनिया में हर किसी को यह देखना चाहिए।’’ पूर्व स्टार ट्रैक अभिनेता 90 वर्षीय विलियम शैटनर 13 अक्टूबर 2021 को अंतरिक्ष में मुश्किल से चार मिनट बिताने के बाद जब ब्लू ओरिजिन रॉकेट से बाहर निकले तो भावविभोर होकर उन्होंने सबसे पहले यही शब्द कहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘यह हवा जो हमें जीवित रख रही है, यह आपकी त्वचा से भी पतली है ... हम सोचते हैं, 'ओह, यह नीला आकाश है', और फिर अचानक आप इस सब से बाहर निकल जाते हैं, जैसे कि आप एक चादर को उतार फेंकते हैं, जब आप सो रहे हैं, और आप कालेपन में देख रहे हैं ... यह बहुत पतला है, और आप एक पल में इससे निकल जाते हैं!’’
जैसा कि शैटनर जैसे अंतरिक्ष यात्रियों ने देखा है, हमारे ग्रह का वातावरण पृथ्वी के सापेक्ष एक सेब की त्वचा जितना पतला लगता है। यद्यपि हमारे दृष्टिकोण से यह असीम प्रतीत हो सकता है, हम उत्सर्जन के साथ इसकी संरचना को उतनी ही आसानी से बदल सकते हैं जितना कि हम विशाल झीलों और महासागरों को प्रदूषित कर सकते हैं।
फिर भी शटनर की यात्रा को कवर करने वाली कई समाचार रिपोर्टों में पृथ्वी के वायुमंडल की नाजुकता पर उनकी टिप्पणियों को नजरअंदाज किया गया : ऐसी टिप्पणियां जो ग्लासगो में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन सीओपी26 में आने वाले प्रतिनिधियों को प्रभावित कर सकती हैं।
शैटनर की यात्रा को जेफ बेजोस की अंतरिक्ष अन्वेषण कंपनी ब्लू ओरिजिन ने संभव किया। कंपनी की स्थापना वर्ष 2000 में की गई थी और उसका यह कदम काफी आलोचना का विषय रहा है।
ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़ॅन के अरबपति संस्थापक बेजोस ने दुनिया भर में स्थानीय क्षेत्रों के सांस्कृतिक और वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे को खोखला करके अपनी खगोलीय सफलता हासिल की: और उनके द्वारा पृथ्वी पर पर्यावरण में सुधार के बजाय अंतरिक्ष पर्यटन उद्योग में विस्तार करने के लिए अरबों खर्च करने की निंदा की गई है।
1960 और 1970 के दशक के मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम, जिसे अमेरिका और रूस द्वारा प्रतिस्पर्धात्मक रूप से चलाया गया था, की भी पैसे की बर्बादी के रूप में आलोचना की गई थी। लेकिन इससे एक बड़ा और अप्रत्याशित बोनस मिला: वह था अंतरिक्ष से पृथ्वी का पहला दृश्य, उसके राजसी अलगाव के साथ।
1968 के क्रिसमस पर, अपोलो 8 के चालक दल के सदस्य ऐसे पहले व्यक्ति बन गए जिन्होंने चंद्रमा के चारों ओर उड़ान भरते हुए पूरे ग्रह को देखा और उसकी तस्वीर खींची। सवा लाख मील दूर से, पृथ्वी की ऐसी अनूठी सुंदरता पहले कभी किसी ने नहीं देखी थी।
यात्रा के दौरान, अंतरिक्ष यात्री बिल एंडर्स ने आंशिक रूप से छाया में पृथ्वी की एक अनिर्धारित तस्वीर ली, जिसमें चंद्रमा अग्रभूमि में था। चंद्रमा का मद्धम रंग पृथ्वी की चमकीली छटा के एकदम विपरीत था।
यह फोटो, जिसे बोलचाल की में ‘‘अर्थराइज’’ के रूप में जाना जाता है, को बाद में फोटोग्राफर गैलेन रोवेल ने ‘‘अब तक की सबसे प्रभावशाली पर्यावरणीय तस्वीर’’ के रूप में वर्णित किया। वर्षों बाद, एंडर्स ने अपने अनुभव बताए: ‘‘हम चंद्रमा पर इस तरह से आए, और फिर भी सबसे महत्वपूर्ण चीज जो हम देख रहे हैं वह हमारा अपना गृह ग्रह है।’’
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