देश की खबरें | लद्दाख में 477 हिम तेंदुए, विश्व में इन जीवों की सर्वाधिक संख्या वाले इलाकों में शामिल : अध्ययन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. लद्दाख विश्व में हिम तेंदुओं की सर्वाधिक संख्या वाले इलाकों में शामिल है और वहां कुल 477 हिम तेंदुए होने का अनुमान है। यह आंकड़ा देश में पाए जाने वाले कुल हिम तेंदुओं का 70 फीसदी है। केंद्र-शासित प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण विभाग के हालिया अध्ययन में यह बात सामने आई है।

नयी दिल्ली, आठ मई लद्दाख विश्व में हिम तेंदुओं की सर्वाधिक संख्या वाले इलाकों में शामिल है और वहां कुल 477 हिम तेंदुए होने का अनुमान है। यह आंकड़ा देश में पाए जाने वाले कुल हिम तेंदुओं का 70 फीसदी है। केंद्र-शासित प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण विभाग के हालिया अध्ययन में यह बात सामने आई है।

शोधकर्ताओं ने 59,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में हिम तेंदुओं की संख्या का आकलन करने पर पाया कि हिम तेंदुए 47,500 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैले हुए हैं। अध्ययन के निष्कर्ष ‘पीएलओएल वन’ पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।

‘पेंथेरा’ नस्ल से जुड़े हिम तेंदुए मुख्यत: भारत, चीन, नेपाल और पाकिस्तान जैसे एशियाई देशों के पर्वतीय इलाकों में पाए जाते हैं। इस नस्ल में शेर और बाघ भी शामिल हैं।

शोधकर्ताओं ने कहा, “लद्दाख के समुदायों में वन्यजीवों के प्रति गहरी आस्था, हिम तेंदुआ पर्यटन से होने वाले आर्थिक लाभ और संघर्ष प्रबंधन रणनीतियां उन मुख्य कारकों में शुमार हैं, जिनके कारण केंद्र-शासित प्रदेश दुनिया में हिम तेंदुओं की सर्वाधिक संख्या वाले क्षेत्रों में बरकरार रहने में सफल हुआ है।”

उन्होंने बताया कि लद्दाख में 60 फीसदी से अधिक हिम तेंदुए (पेंथेरा उन्शिया) मानव आबादी के आसपास रहते पाए गए।

भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, नयी दिल्ली के शोधकर्ताओं ने कहा कि संरक्षण मॉडल को उन क्षेत्रों के अनुकूल और उन्नत किया जा सकता है, जहां हिम तेंदुए बड़ी संख्या में पाए जाते हैं।

अध्ययन के दौरान लद्दाख में हिम तेंदुओं की संख्या का पता लगाने के लिए शोधकर्ताओं ने उनके पैरों के निशान, मल-मूत्र और खरोंच चिह्न (हिम तेंदुए अपनी नस्ल के अन्य जीवों से संचार के लिए जमीन पर खरोंच के निशान बनाते हैं) का सर्वेक्षण किया।

भूरे भालू और वन बिलाव जैसे अन्य मांसाहारी जानवरों, जंगली शाकाहारी जानवरों और अन्य मवेशियों की मौजूदगी का भी आकलन किया गया।

इसके बाद 900 से अधिक कैमरा ट्रैप लगाए गए, जिनके नीचे परफ्यूम का छिड़काव किया गया, ताकि जानवरों को कैमरे के सामने आने के लिए ‘लुभाया’ जा सके।

शोधकर्ताओं ने पाया, “लद्दाख में 47,572 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में हिम तेंदुए मौजूद हैं। हेमिस राष्ट्रीय उद्यान (प्रति 100 वर्ग किलोमीटर में दो), करगिल (प्रति 100 वर्ग किलोमीटर में 1.2) और लेह (प्रति 100 किलोमीटर में एक) में हिम तेंदुओं का घनत्व विश्व स्तर पर सर्वाधिक है और कुल 477 हिम तेंदुओं के साथ लद्दाख दुनिया के उन इलाकों में शामिल है, जहां इन जीवों की संख्या सबसे ज्यादा है।”

शोधकर्ताओं ने कहा कि अनुकूल जलवायु, जटिल भूभाग और संसाधन-समृद्ध घास के मैदान लद्दाख में बड़ी संख्या में हिम तेंदुओं की मौजूदगी की बड़ी वजह हैं। दरअसल इन सबके चलते शिकार की अधिक उपलब्धता रहती है और कम मानवीय हस्तक्षेप रहता है।

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