जमशेदपुर, 16 नवंबर झारखंड के 31 जनजाति समूह देश की जनजातियों के लिए आयोजित किये जा रहे सम्मेलन ‘संवाद’ के 10वें संस्करण में हिस्सा ले रहे हैं।
पांच दिवसीय जनजाति सम्मेलन का उद्घाटन टाटा स्टील के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक टी.वी. नरेंद्रन ने बुधवार को यहां गोपाल मैदान में किया।
कार्यक्रम की शुरुआत 251 नगाड़ों, ढोल और संगीत वाद्ययंत्रों की धुन पर हुई।
इस वर्ष ‘संवाद’ का मूल विषय (थीम)- वॉक विद मी, रखा गया है।
नगाड़ों की धुन का भी विशेष महत्व है और 251 नगाड़े कोल्हान, रांची, खूंटी और ओडिशा के अन्य क्षेत्रों की जनजातियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
आदिवासियों द्वारा नगाड़े का इस्तेमाल अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है, जिसमें जंगली जानवरों को डराना, संदेश पहुंचाना और बुरी आत्माओं को भगाना शामिल हैं। नगाड़ों की धुन को शुभ माना जाता है और इसका उपयोग गायन और नृत्य में ताल वाद्य यंत्र के रूप में भी किया जाता है। यह क्षेत्र की विभिन्न जनजातियों के बीच एकता का प्रतीक है।
ऐसा पहली बार है कि झारखंड के सभी 31 जनजाति समूह एक साथ एक मंच पर आये हैं। वे अपनी प्रस्तुति के माध्यम से अपनी विविधता और एकता का प्रदर्शन करेंगे।
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