ताजा खबरें | देश में तीन वर्ष में बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध के 2,784 मामले दर्ज

नयी दिल्ली, दो अगस्त देश में 2019 से 2021 के दौरान बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध के 2,784 मामले दर्ज किये गए हैं। सरकार द्वारा बुधवार को लोकसभा में पेश आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

लोकसभा में हसनैन मसूदी के प्रश्न के लिखित उत्तर में इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी।

वैष्णव ने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य अपने सभी उपयोगकर्ताओं के लिए एक खुला, सुरक्षित और विश्वसनीय एवं जवाबदेह इंटरनेट सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट का विस्तार और अधिक से अधिक भारतीयों के लिए ऑनलाइन आने के साथ बच्चों सहित सभी लोगों के खिलाफ साइबर अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, 2019, 2020 और 2021 के दौरान बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध के क्रमश: 306, 1102 और 1376 मामले दर्ज किये गए हैं।

इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और उसके तहत बनाए गए नियमों में साइबर क्षेत्र को बच्चों के लिए सुरक्षित और जवाबदेह बनाने का प्रावधान शामिल है।

वैषणव ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 बी में बच्चों को अश्लील कृत्यों में चित्रित करने वाली इलेक्ट्रॉनिक सामग्री के प्रकाशन या प्रसारण, पाठ या चित्र तैयार करने, डाउनलोड करने, विज्ञापन, प्रचार या बच्चों को अपमानजनक रूप में पेश करने, बच्चों के साथ यौन कार्य संबंधी दुरूपयोग को इलेक्ट्रॉनिक रूप से रिकार्ड करने पर जुर्माने का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि इसके तहत अपराध में पहली बार दोषी पाए जाने पर पांच साल तक की कैद और बाद में दोषी पाए जाने पर सात साल तक की कैद और दस लाख रूपये तक का जुर्माना हो सकता है तथा यह एक संज्ञेय अपराध है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)