विदेश की खबरें | यमन के तेल बंदरगाह पर अमेरिकी हवाई हमलों में 20 लोगों की मौत: हूती विद्रोही
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अमेरिकी सेना की ‘सेंट्रल कमांड’ ने भी इन हमलों की पुष्टि की है। यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन द्वारा 15 मार्च से हूती विद्रोहियों के खिलाफ शुरू किए गए अभियान के दौरान मारे गए लोगों की सर्वाधिक संख्या है।

हूती विद्रोहियों ने बताया कि बंदरगाह पर अमेरिका के हमलों में 20 लोग मारे गए और 50 लोग घायल हो गए।

हूती विद्रोहियों के समाचार चैनल ने हमले के बाद की स्थिति का ग्राफिक फुटेज प्रसारित किया जिसमें घटनास्थल पर लाशें बिखरी नजर आ रही हैं।

अमेरिकी सेना की ‘सेंट्रल कमांड’ ने एक बयान में कहा कि ‘‘अमेरिकी सेना ने ईरान समर्थित हूती आतंकवादियों के लिए ईंधन के इस स्रोत को खत्म करने और उन्हें उस अवैध राजस्व से वंचित करने के लिए यह कार्रवाई की जो पूरे क्षेत्र को आतंकित करने के हूती प्रयासों को 10 साल से अधिक समय से वित्तपोषित कर रहा है।’’

उसने कहा, ‘‘इस हमले का उद्देश्य यमन के लोगों को नुकसान पहुंचाना नहीं था। यमन के लोग हूती की अधीनता से वास्तव में आजादी चाहते हैं और शांति से रहना चाहते हैं।’’

‘सेंट्रल कमांड’ ने हताहतों के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी।

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