विदेश की खबरें | 1994 अपराध कानून संबंधी प्रश्न जायज है: बाइडेन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. उन्होंने साथ ही कहा कि लोगों को उन्हें उनके अतीत के कदमों के आधार पर आंकने के बजाए उनके मौजूदा कदमों से आंकना चाहिए।

उन्होंने साथ ही कहा कि लोगों को उन्हें उनके अतीत के कदमों के आधार पर आंकने के बजाए उनके मौजूदा कदमों से आंकना चाहिए।

बाइडेन से डिजिटल ‘एनएएसीपी’ मंच पर प्रश्न किया गया कि युवा मतदाता सीनेटर के रूप में अपराध विधेयक लिखने में उनकी भूमिका को लेकर चिंतित हैं।

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आलोचकों का कहना है कि इसी कानून के आधार पर हालिया दशकों में नस्ली अल्पसंख्यकों को बड़े पैमाने पर बंदी बनाया गया।

बाइडेन ने स्वीकार किया कि ‘‘यह जायज चिंता है, उनके मन में संशय होना चाहिए’’।

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उन्होंने साथ ही कहा कि उन्हें ‘‘बार-बार’’ यह बताया गया है कि युवा आपराधिक न्याय मामलों पर उनके अतीत के रुख का विरोध कर रहे हैं, लेकिन ‘‘इसे साबित करने के लिए कोई मतदान नहीं किया गया है’’।

बाइडेन ने कहा, ‘‘मैं जो कर रहा हूं, वह देखिए। मैं क्या कहता हूं और मैं किससे कहता हूं, मुझे उसी के आधार पर आंकिए।’’

काले रंग वाले मतदाता डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए अहम वोट बैंक माने जा रहे हैं। बाइडेन ने भी उन तक पहुंचने के प्रयास किए हैं।

उन्होंने अपराध विधेयक के कई अहम प्रावधानों को पलटने वाली एक आपराधिक न्याय योजना जारी की है। उन्होंने 1990 के दशक में कुछ नीतियों का समर्थन करने के लिए माफी भी मांगी है, लेकिन काले रंग के कई मतदाता आपराधिक न्याय मामलों पर बाइडेन के अतीत के रुख से अब भी खफा हैं।

अपराध विधेयक को 1994 में कानून बनाया गया था। इस विधेयक को बाइडेन ने तैयार किया था, जिसके बाद संसद ने इसे पारित किया था और देश के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन गया था।

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