नयी दिल्ली, छह जुलाई दिल्ली की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को निचली अदालत के रिकार्ड कक्ष के प्रभारी को ताजा नोटिस जारी करके 1984 के सिख-विरोधी दंगों के दौरान पुल बंगश में कथित हत्याओं से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ उसके समक्ष दस्तावेज पेश करने को कहा।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) विधि गुप्ता आनंद ने कड़कड़डूमा अदालत के रिकॉर्ड कक्ष के प्रभारी को निर्देश दिया कि वह मुकदमे का रिकॉर्ड शुक्रवार तक उसके समक्ष पेश करे। शुक्रवार को एसीएमएम अदालत में इसकी सुनवाई होनी है। पहले मुकदमे की सुनवाई कड़कड़डूमा अदालत में हो रही थी।
इस पर संज्ञान लेते हुए कि रिकॉर्ड खोज लिया गया है, अदालत ने निर्देश दिया, ‘‘कड़कड़डूमा अदालत के रिकॉर्ड कक्ष के प्रभारी को ताजा नोटिस जारी किया गया है। रिकॉर्ड शुक्रवार सुबह 11 बजे तक सौंपना है।’’
सीबीआई ने भी सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से कहा गया है कि वह टाइटलर की आवाज के नमूनों का विश्लेषण तेजी से करे।
अदालत ने मुकदमे से जुड़े निचली अदालत के रिकॉर्ड 30 जून को मंगाये थे।
सीबीआई ने इस मामले में टाइटलर के खिलाफ 20 मई को आरोपपत्र दाखिल किया था।
तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के एक दिन बाद एक नवंबर, 1984 को पुल बंगश इलाके में तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी और एक गुरुद्वारे को जला दिया गया था।
विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में सीबीआई ने कहा है कि टाइटलर ने एक नवंबर, 1984 को ‘‘पुल बंगश गुरुद्वारा आजाद बाजार में इकट्ठी भीड़ को उकसाया और भड़काया’’, जिसके परिणामस्वरूप गुरुद्वारे में आग लगा दी गयी और तीन सिखों- ठाकुर सिंह, बादल सिंह और गुरु चरण सिंह की हत्या कर दी गई।
सीबीआई ने बताया कि एजेंसी ने टाइटलर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं... 147 (दंगा) और 109 (भड़काना/उकसाना) के साथ 302 (हत्या) के तहत आरोप लगाए हैं।
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