नयी दिल्ली/जयपुर, दो जनवरी राजस्थान के पाली जिले में सोमवार तड़के बांद्रा-जोधपुर सूर्यनगरी एक्सप्रेस के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए जिससे 26 यात्री घायल हो गये। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि घायलों को पाली के बांगड अस्पताल में भर्ती कराया गया है जिनमें में दो को गंभीर चोट आयी हैं। उन्होंने बताया कि हादसे के कारण रेल यातायात बाधित हुआ, 14 ट्रेनों का मार्ग बदलना पड़ा, छह ट्रेनें रद्द कर दी गईं जबकि एक ट्रेन आंशिक रूप से रद्द की गई।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार की शाम घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने गंभीर रूप से घायल यात्री के लिए एक लाख रुपये और अन्य घायल यात्रियों के लिए 25-25 हजार रुपये अनुग्रह राशि की घोषणा की। रेलवे ने घायलों को अस्पताल में ही अनुग्रह राशि मुहैया करा दी है।
घायल यात्रियों से फोन पर बातचीत में वैष्णव ने उनका हालचाल पूछा। उन्होंने रेलवे संरक्षा आयुक्त द्वारा जांच कराने का आदेश दिया और कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी शशि किरण के अनुसार गाड़ी संख्या 12480, बांद्रा टर्मिनस-जोधपुर सूर्यनगरी एक्सप्रेस सोमवार तड़के पाली के मारवाड़ जंक्शन से जोधपुर रवाना हुई थी कि रास्ते में उसके 13 डिब्बे करीब साढ़े तीन बजे जोधपुर मंडल के राजकियावास-बोमादडा रेलखंड के बीच पटरी से उतर गए। उन्होंने बताया कि इन डिब्बों में से तीन डिब्बे पलट गए थे।
उन्होंने बताया, ‘‘इस हादसे में 26 यात्रियों को चोट आईं। हमने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया और जोधपुर से डीआरएम सहित वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा। घायलों को पाली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।’’
उन्होंने बताया कि शाम तक 18 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी।
बाद में पटरी से उतरे डिब्बों को वहीं छोड़कर, ट्रेन नौ डिब्बों के साथ गंतव्य को रवाना हो गई। ट्रेन से कुल 1,135 यात्री यात्रा कर रहे थे, जिनमें से 725 यात्री ट्रेन के नौ डिब्बों से, 185 यात्री सरकारी बसों से और बाकी यात्री निजी सवारियों से अपने गंतव्य को रवाना हुए।
दुर्घटना के वक्त ज्यादातर यात्री नींद में थे और हादसे में पटरी से नीचे उतरे वाले ज्यादातर डिब्बे शयनयान श्रेणी के हैं। कोच संख्या एस3, एस4 और एस5 पलट गए और करीब 80 मीटर की दूरी पर जाकर रूके।
ट्रेन में दक्षिण भारतीय राज्यों से आने वाले करीब 150 स्काउट भी सवार थे जो पाली जिले के रोहेट में 4 से 10 जनवरी के बीच आयोजित होने वाले स्काउट गाइड जम्बूरी में भाग लेने जा रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि स्काउट सुरक्षित हैं और उन्हें बसों से गंतव्य को रवाना कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पटरी की मरम्मत का काम चल रहा है।
वहीं, दिन में रेल मंत्री वैष्णव ने एक बयान में कहा था कि ‘‘बांद्रा-जोधपुर सूर्यनगरी एक्सप्रेस के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना पर लगातार नजर रख रहा हूं। आपात सहायता और समय पर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की गई। अनुग्रह राशि भी दी गई : गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये, अन्य घायलों को 25-25 हजार रुपये।’’
उत्तर-पश्चिम रेलवे ने एक वीडियो साझा किया है जिसमें एक यात्री बता रहा है, ‘‘तीन डिब्बे एस3, एस4 और एस5 बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। एसी डिब्बों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। हम उन्हीं डिब्बों में लुनी तक आए थे।’’ यात्री ने यह भी बताया कि एम्बुलेंस और घायलों के लिए अन्य सुविधाओं का इंतजाम 15-20 मिनट के भीतर हो गया था।
इस बीच, दिल्ली में एक अधिकारी ने बताया कि पटरी में फ्रैक्चर होने के कारण डिब्बे पटरी से उतरे हैं, ऐसा प्रतीत होता है।
गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले कैग ने पटरियों की देख-रेख और मरम्मत को लेकर चिंता जतायी थी। इस संबंध में कैग की रिपोर्ट 21 दिसंबर को संसद में रखी गई थी।
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