लंदन, तीन अक्टूबर करीब 100 भारतीय छात्रों ने एक ब्रितानी विश्वविद्यालय के मधुमेह संबंधी नए ऑनलाइन पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण कराया है।
इस पाठ्यक्रम में मधुमेह से पीड़ित लोगों की मदद करने और इस बीमारी के संबंध में नए शोध करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
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बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी ने ‘यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स बर्मिंघम डायबिटीज टीम’ के साथ मिलकर ‘एडवांसिंग डायबिटीज केयर’ में स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रम की शुरुआत की है।
पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण करा रहे छात्रों का पहला समूह भारत में है और फार्मास्यूटिकल कंपनी लुपिन फार्मास्यूटिकल्स उन्हें प्रायोजित करेगी।
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बर्मिंघम में भारत के महावाणिज्यदू डॉ. शशांक विक्रम ने कहा, ‘‘जब में मेडिसिन में स्नातक कर रहा था, तब उस समय भारत में हम जीवनशैली संबंधी बीमारियों की उपश्रेणी में मधुमेह के बारे में पढ़ते थे। अब हमने सभी आयुवर्ग में इस बीमारी को फैलते देखा है, जो विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमियों वाले लोगों को प्रभावित कर रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण करा रहे छात्र चिकित्सक हैं और मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।’’
विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार भारत में करीब सात करोड़ 70 लाख लोग मधुमेह से पीड़ित है और इस पाठ्यक्रम को इस बीमारी के संबंध में शोध करने के लिए तैयार किया गया है।
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