देश की खबरें | भाजपा के 10 विधायक ‘अशोभनीय आचरण’ के लिए कर्नाटक विधानसभा से निलंबित

बेंगलुरु, 19 जुलाई कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष यू टी कादर ने बुधवार को सदन में ‘‘अशोभनीय और अपमानजनक आचरण’’ के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 10 विधायकों को विधानसभा के शेष सत्र से निलंबित कर दिया।

वहीं, विपक्षी दल भाजपा और जद(एस) ने कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष यू टी कादर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस विधानसभा सचिव को दिया है।

विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा के जिन 10 विधायकों को निलंबित किया है वे हैं-डॉ. सी एन अश्वथ नारायण, वी सुनील कुमार, आर अशोक, अरागा ज्ञानेंद्र (सभी पूर्व मंत्री), डी वेदव्यास कामथ, यशपाल सुवर्ण, धीरज मुनिराज, ए उमानाथ कोटियन, अरविंद बेलाड और वाई भरत शेट्टी। विधानसभा सत्र तीन जुलाई को शुरू हुआ और 21 जुलाई को समाप्त होने वाला है।

अध्यक्ष ने सदन में हंगामे के बाद यह कार्रवाई की। भाजपा के कुछ सदस्यों ने विधेयकों और एजेंडे की प्रतियां फाड़ दीं और उन्हें अध्यक्ष के आसन की ओर फेंक दिया क्योंकि वे दोपहर के भोजन के अवकाश के बिना सदन की कार्यवाही संचालित करने के कादर के फैसले से नाराज थे।

पिछले दो दिन विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों के कथित ‘‘दुरुपयोग’’ के लिए कांग्रेस नीत सरकार के खिलाफ भाजपा के विरोध के बीच यह कार्रवाई हुई है।

अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मैं उनके (10 विधायकों) नाम उनके अशोभनीय और असम्मानजनक आचरण के कारण ले रहा हूं।’’ इसके बाद कानून और संसदीय कार्य मंत्री एच के पाटिल ने कहा कि सदन उनकी पीड़ा पर कदम उठाएगा।

पाटिल ने कहा, ‘‘मैं यह प्रस्ताव पेश कर रहा हूं...मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कर्नाटक विधानसभा नियमावली की धारा 348 के तहत इन सदस्यों को उनके अशोभनीय और अपमानजनक आचरण के लिए शेष सत्र तक विधानसभा से निलंबित करना चाहिए और सदन में प्रवेश करने से रोका जाना चाहिए।’’

अध्यक्ष कादर ने कहा, ‘‘बेहद पीड़ा के साथ मैं इस प्रस्ताव को वोटिंग के लिए रख रहा हूं।’’ ध्वनि मत के आधार पर 10 सदस्यों को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)