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जरुरी जानकारी | विदेशों में नरमी के रुख से सरसों छोड़ सभी खाद्य तेल तिलहनों के भाव औंधे मुंह गिरे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मलेशिया एक्सचेंज में सुबह लगभग 9.5 प्रतिशत की जोरदार गिरावट आने से दिल्ली तेल तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों को छोड़कर बाकी सभी तेल तिलहनों के दाम औंधे मुंह गिरे।

जरुरी जानकारी | विदेशों में नरमी के रुख से सरसों छोड़ सभी खाद्य तेल तिलहनों के भाव औंधे मुंह गिरे

नयी दिल्ली, 22 जून मलेशिया एक्सचेंज में सुबह लगभग 9.5 प्रतिशत की जोरदार गिरावट आने से दिल्ली तेल तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों को छोड़कर बाकी सभी तेल तिलहनों के दाम औंधे मुंह गिरे।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज सुबह के कारोबार में जोरदार ढंग से टूटा जिससे आयातकों और तेल उद्योग को भारी नुकसान होगा क्योंकि जिस भाव पर उन्होंने लाखों टन खाद्यतेल का आयात कर रखा है। उसकी खपत मुश्किल हो जायेगी क्योंकि खाद्यतेलों के भाव औंधे मुंह जा गिरे हैं। ऐसे वक्त में सरकार को हर वह कदम उठाने के बारे में सोचना होगा जिससे किसानों के हित प्रभावित न होते हों।

उसने कहा कि आज से लगभग डेढ़ महीने पहले सीपीओ की खरीद, 2,040 डॉलर प्रति टन के भाव से की गई थी जिसका भाव अब जोरदार गिरावट के साथ लगभग 1,320 डॉलर प्रति टन रह गया है। अब आयातकों ने जिस भाव पर इन तेलों की खरीद की थी, उस पैसे की वसूली अधड़ में लटक गई है और उसका डूबना लगभग तय है क्योंकि मंगाये गये तेल अब काफी सस्ते भाव पर बेचने की मजबूरी होगी। ऐसे वक्त में सरकार को ऐसे उपाय करने होंगे जिससे किसानों के हितों की रक्षा करते हुए तेल उद्योग को भी बर्बाद होने से बचाया जा सके।

सूत्रों ने कहा कि सुबह मलेशिया एक्सचेंज में लगभग साढ़े नौ प्रतिशत की गिरावट थी लेकिन शाम के कारोबार में उसमें फिलहाल लगभग ढाई प्रतिशत की तेजी लौटी है। शिकागो एक्सचेंज में लगभग सवा दो प्रतिशत की गिरावट रही।

सूत्रों ने कहा कि सरसों की मंडियों में आवक कम होने के कारण सरसों को छोड़कर बाकी सभी तेल तिलहनों के भाव मंदी की चपेट में हैं। सरकार को इस अनिश्चित वातावरण की बारंबार की पुनरावृति को रोकने के लिए देशी तेल तिलहनों का उत्पादन बढ़ाने पर और जोर देना होगा।

सूत्रों ने कहा कि खाद्य तेल की जरुरतों का स्थायी समाधान देश में तेल-तिलहन उत्पादन बढ़ाना ही हो सकता है।

बुधवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 7,340-7,390 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,565 - 6,700 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,250 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,555 - 2,745 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,315-2,395 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,355-2,460 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,700 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,600 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,750 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,500 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 6,300-6,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 6,100- 6,200 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 22, 2022 10:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).