देश की खबरें | जम्मू कश्मीर में 4जी सेवा की बहाली के मामले में न्यायालय में अवमानना याचिका दायर
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नयी दिल्ली, नौ जून जम्मू कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवा बहाल करने पर विचार के लिये ‘विशेष समिति’ गठिन करने के शीर्ष अदालत के आदेश की ‘जानबूझ कर अवज्ञा’ करने का आरोप लगाते हुये उच्चतम न्यायालय में केन्द्रीय गृह सचिव और जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव के खिलाफ अवमानना कार्यवाही के लिये एक याचिका दायर की गयी है।
न्यायमूर्ति एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने 11 मई को अपने आदेश में कहा था कि जम्मू कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवा बहाल करने के प्रतिवेदनों पर विचार के लिये केन्द्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में विशेष समिति गठित करने का आदेश दिया था। पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि केन्द्र शासित प्रदेश के आतंकवाद से ग्रस्त होने के तथ्य के मद्देनजर राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता है।
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यह अवमानना याचिका फाउण्डेशन फॉर मीडिया प्रफेशनल्स ने दायर की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि शीर्ष अदालत के आदेश के बावजूद संबंधित प्राधिकारियों ने अभी तक विशेष समिति गठित नहीं की है।
याचिका में कहा गया है कि कोरोना वायरस महामारी और मानवीय संकट के दौरान प्रशासन का ढुलमुल रवैया इस न्यायालय के फैसले और न्यायिक आदेश का जानबूझ कर उल्लंघन कर रहा है।
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अवमानना याचिका में कहा गया है कि न्यायालय के निर्देशों का पालन करने के लिये प्राधिकारी बाध्य हैं लेकिन वे अभी तक इस विशेष समिति की स्थापना और इसके काम के बारे में अधिसूचना जारी करने में विफल रहे हैं।
याचिका के अनुसार, ‘‘इस न्यायालय के निर्देशों को नजरअंदाज किया गया है और प्रतिवादियों ने न्यायालय के निर्देशों पर अमल करने के कर्तव्य में जानबूझकर अवज्ञा की है। इसलिए इनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जानी चाहिए।
याचिका में केन्द्रीय गृह सचिव और जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव तलब करके न्यायालय के आदेश पर कथित रूप से अमल नहीं करने के बारे में उनसे स्पष्टीकरण मांगने का अनुरोध किया गया है।
याचिका में कहा गया है कि जम्मू कश्मीर प्रशासन ने 27 मई को एक आदेश जारी करके केन्द्र शासित प्रदेश के सभी जिलों में 2जी इंटरनेट मोबाइल सेवा पर लगे प्रतिबंध जारी रखे थे।
याचिका के अनुसार 27 मई के आदेश के बारे में विशेष समिति को एक प्रतिवेदन भेजा गया था लेकिन इसकी पावती की भी अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गयी है।
याचिका में अवमानना कार्यवाही के साथ ही प्राधिकारियों को तीन कार्यदिवसों के भीतर विशेष समिति गठित करने की अधिसूचना जारी करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है।
अनूप
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 09, 2020 09:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

