जरुरी जानकारी | चीन से आयात कम करने के लिये नपा-तुला दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत: एसबीआई रिपोर्ट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत को चीन से आयात कम करने के लिये एक नपा-तुला दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, क्योंकि पड़ोसी देश भारत में महंगे और सस्ते दोनों तरह के माल के बाजार में मजबूत पैठ बना चुका है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एक रिपोर्ट में यह कहा है।

मुंबई, आठ जुलाई भारत को चीन से आयात कम करने के लिये एक नपा-तुला दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, क्योंकि पड़ोसी देश भारत में महंगे और सस्ते दोनों तरह के माल के बाजार में मजबूत पैठ बना चुका है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एक रिपोर्ट में यह कहा है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन के 59 ऐप पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फैसले से घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र को अपनी क्षमताएं विकसित करने के अवसर मिलेंगे।

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एसबीआई शोध रिपोर्ट ‘इकोरैप’ में कहा गया है, ‘‘स्पष्ट रूप से, चीन ने धीरे-धीरे और लगातार भारत में उच्च व निम्न-मूल्य दोनों श्रेणियों के आयात में अपनी एक ठोस जगह बना ली है। अत: हमें चीन से आयात को अचानक रोक देने के बजाया नपा तुला दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।‘‘

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने अन्य सभी श्रेणियों में दखल बना लिया है, जिनमें कम मूल्य वाले विनिर्माण से लेकर उच्च मूल्य की पूंजी और भारत में बिजली के सामान का आयात शामिल है। सेवा व वस्तु निर्यात के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत निश्चित रूप से चीन के साथ सेवा के मोर्चे पर प्रतिस्पर्धा कर सकता है।

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रिपोर्ट में कहा गया है, "भारत चीन की तुलना में दूरसंचार, कंप्यूटर और सूचना सेवाओं की अधिक मात्रा में निर्यात करता है। हालांकि, चीन तेजी से पकड़ बना रहा है और भारत को फुर्ती दिखाने की जरूरत है।”

रिपोर्ट में कहा गया है कि सीमा पर टकराव के बाद अब चीन से आयात पर प्रतिबंध लगाने के बारे में व्यापक माहौल बना है। उसमें कहा गया है, "भारत को कुछ ऐसे उत्पादों के आयात पर निश्चित तौर पर रोक लगाना चाहिये, जिनमें भारत के पास चीन की तुलना में बेहतर स्थिति है और जो घरेलू लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उपक्रमों (एमएसएमई) की मदद कर सकें।’’

रिपोर्ट के अनुसार, भारत बहुत सारे उत्पादों के लिये चीन पर निर्भर है। उदाहरण के लिये, 1996-97 में 22 ऐसी श्रेणियां थीं, जिनमें भारत ने चीन से कुछ भी आयात नहीं किया था, लेकिन 2019-20 में इनका आयात का मूल्य लगभग 50 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया।

सुरक्षा कारणों से सरकार द्वारा चीन के 59 ऐप पर प्रतिबंध को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है, “यह स्थानीय प्रौद्योगिकी कंपनियों को ऐप विकसित करने के मौके प्रदान करता है, जो उनसे मुकाबला कर सकते हैं।”

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