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World War 3: ईरान ने US को दी कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने की धमकी, क्या तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही दुनिया

इराक में अमेरिकी हवाई हमले में ईरान के कमांडर कासिम सुलेमानी (Qassem Soleimani) के मारे से खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है. दोनों ही देशों ने अमेरिका को के इस कदम की कड़ी आलोचना की है. वहीं इरान ने अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है.

World War 3: ईरान ने US को दी कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने की धमकी, क्या तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही दुनिया
इराकी सेना (Photo Credits: IANS)

वाशिंगटन: इराक (Iraq) में अमेरिकी हवाई हमले में ईरान (Iran) के कमांडर कासिम सुलेमानी (Qassem Soleimani) के मारे से खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है. दोनों ही देशों ने अमेरिका (US) को के इस कदम की कड़ी आलोचना की है. वहीं इरान ने अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है. बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने इराक में अपने सभी नागरिकों को तुरंत देश लौटने के लिए कहा है. राजधानी बगदाद (Baghdad) में अमेरिकी दूतावास ने अपने सभी सार्वजनिक कांसुलर संचालन (ऑपरेशन्स) को अगले आदेश तक निलंबित कर दिए है. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है जो पूरी दुनिया को एक बड़े युद्ध की ओर लेकर जा रहा है. सोशल मीडिया पर भी लोगों ने भविष्यवाणी करना शुरू कर दिया है कि विश्व युद्ध-3 इसी साल हो सकता है.

अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेश में अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट रक्षात्मक कार्रवाई करते हुए ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर कासिम सुलेमानी को मारने का आदेश दिया था. अमेरिका ने आरोप लगाया है कि सुलेमानी सक्रिय रूप से इराक में अमेरिकी राजनयिकों और सैन्य कर्मियों पर हमले की सक्रिय रूप से योजना बना रहा थे. सुलेमानी की मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश का झंडा ट्वीट किया. ईरान से तेल आयात पर अमेरिकी प्रतिबंध छूट पर सरकार ने कहा- भारतीय रिफाइनरी में तेल की आपूर्ति पर्याप्त

ईरान ने कहा लेंगे ‘बदला’

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने शुक्रवार को कहा कि ईरान और क्षेत्र के आजाद देश रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का अमेरिका से बदला लेंगे. बता दें कि इराकी पॉपुलर मोबलाइजेशन फोर्सेज (पीएमएफ) के डिप्टी कमांडर अबू महदी अल-मुहांदिस भी सुलेमानी के साथ मारे गए.

वहीं ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनी ने ट्रंप के आदेश के बाद किए गए हमले में माए गए ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के विशिष्ट कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने की कसम खाई. खामेनी ने कहा कि "धरती के सबसे क्रूर लोगों ने' 'सम्मानीय' कमांडर की हत्या की, जिन्होंने दुनिया की बुराइयों और डकैतों के खिलाफ साहसपूर्वक लड़ाई लड़ी."

उन्होंने कहा, "उनके निधन से उनका मिशन नहीं रुकेगा, लेकिन जिन अपराधियों ने गुरुवार रात जनरल सुलेमानी और अन्य शहीदों के खून से अपने हाथ रंगे हैं, उन्हें जरूर एक जबरदस्त बदले, अंजाम भुगतने की प्रतीक्षा करनी चाहिए." खामेनी ने कहा कि जारी लड़ाई और अंतिम जीत की उपलब्धि हत्यारों और अपराधियों की जिंदगी को और दुश्वर बना देगी.

अमेरिका ने मध्य पूर्व में सैनिकों की तैनाती बढ़ाई

अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका मध्य-पूर्व में सैनिकों को तुरंत तैनात करेगा. यह फैसला ईरान समर्थक प्रदर्शनकारियों द्वारा अमेरिकी दूतावास पर हमला किए जाने के बाद लिया गया. इसके तहत तत्काल लगभग 750 सैनिक क्षेत्र में तैनात होंगे और आईआरएफ के अतिरिक्त बल अगले कुछ दिनों में तैनात किए जाएंगे.

दिसंबर महीने के आखिरी हफ्ते बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर ईरान समर्थक प्रदर्शनकारियों के हमले के बाद तनाव बढ़ा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार सुबह एक ट्वीट कर दूतावास पर हमले के लिए ईरान को दोषी ठहराया था. साथ ही ईरान को चेतावनी भी दी. दरअसल इराकी शिया मिलिशिया समर्थकों, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, ने मंगलवार (31 दिसंबर) को अमेरिकी दूतावास परिसर की दीवार को तोड़ दिया और रिशेप्शन क्षेत्र में आग लगा दी थी. सभी प्रदर्शनकारी रविवार को हुए अमेरिकी हवाई हमलों का विरोध कर रहे थे, जिसमें कताइब हिजबुल्लाह (हिजबुल्ला ब्रिगेड) के कट्टरपंथी गुट के कम से कम 25 लड़ाके मारे गए थे. अमेरिका ने इस गुट पर अमेरिकी ठेकेदार की हत्या का आरोप लगाया था.

ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए ट्वीट किया था,‘‘ हमारे किसी भी प्रतिष्ठान में किसी की भी जान जाने या किसी भी प्रकार की क्षति के लिए ईरान पूरी ही तरह जिम्मेदार होगा. उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी. यह धमकी नहीं है, खतरा है. नववर्ष मुबारक हो.’’

ईरान के ऊर्जा क्षेत्र पर पिछले नवंबर में लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद ईरान का कच्चा तेल निर्यात आधा से अधिक घट गया है. दरअसल अमेरिका तेहरान के तेल उद्योग पर प्रतिबंधों के जरिए ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. हालांकि ईरान ने अमेरिकी दबाव के आगे झुकने से साफ मना कर दिया है और अपने तेल का निर्यात करने की हर संभव उपायों को करने की बात कही है. (एजेंसी इनपुट के साथ)

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 03, 2020 04:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).