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Kabul Blast: राष्ट्रपति जो बाइडेन ने दी चेतावनी- हम काबुल अटैक को नहीं भूलेंगे, हमलावरों को ढूंढकर मार गिराएंगे; 12 अमेरिकी मरीन कमांडो की भी मौत

अफगानिस्तान (Afghanistan) के काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) पर गुरुवार को हुए आत्मघाती हमलों में 12 अमेरिकी सैन्य कर्मियों सहित 72 से अधिक लोग मारे गए और लगभग 150 घायल लोग हो गए.

Kabul Blast: राष्ट्रपति जो बाइडेन ने दी चेतावनी- हम काबुल अटैक को नहीं भूलेंगे, हमलावरों को ढूंढकर मार गिराएंगे; 12 अमेरिकी मरीन कमांडो की भी मौत
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (File Photo)

Kabul Airport Explosions: अफगानिस्तान (Afghanistan) के काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) पर गुरुवार को हुए आत्मघाती हमलों में 12 अमेरिकी सैन्य कर्मियों सहित 72 से अधिक लोग मारे गए और लगभग 150 घायल लोग हो गए. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इस आतंकी हमले में 11 यूएस नौसैनिकों और नौसेना का एक चिकित्साकर्मी भी मारा गया हैं. अमेरिकी (US) राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने व्हाइट हाउस (White House) में बोलते हुए अफगानिस्तान से पलायन कर रहे लोगों को निकालने का संकल्प लिया और इस हमलों के पीछे शामिल लोगों की तलाश कर सजा देने का वादा किया. काबुल एयरपोर्ट के बाहर हमले में 12 अमेरिकी नौसैनिकों की मौत

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, "काबुल एयरपोर्ट पर हुए हमलों में तालिबान और इस्लामिक स्टेट के बीच मिलीभगत का अब तक कोई सबूत नहीं मिला है." उन्होंने काबुल एयरपोर्ट विस्फोट में शामिल आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा "हम (हमलावरों) माफ नहीं करेंगे. हम नहीं भूलेंगे. हम ढूंढेंगे और मार गिराएंगे."

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बयान में कहा, "इस त्रासदी को कभी नहीं होने देना चाहिए था." इस आत्मघाती हमलों का मुख्य संदिग्ध इस्लामिक स्टेट (आईएस) से संबद्ध आतंकी संगठन है, जिसे इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत (ISIS-K) के नाम से जाना जाता है.

व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस हमले में मारे गए पीड़ितों के याद में 30 अगस्त की शाम तक अमेरिकी ध्वज आधा झुका रहेगा. व्हाइट हाउस के हवाले से रिपोर्ट है कि 14 अगस्त से अब तक अफगानिस्तान से 100,000 से अधिक लोगों को अमेरिका ने सुरक्षित निकाला है. Afghanistan: काबुल एयरपोर्ट पर आतंकी हमले की आशंका, US, UK और ऑस्ट्रेलिया ने अपने नागरिकों को चेताया

वहीं अफगानिस्तान से अमेरिकी लोगों की वापसी का काम देख रहे जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने कहा कि अमेरिका काबुल एयरपोर्ट के साजिशकर्ताओं का पता लगाया जाएगा. उन्होने आशंका जताई कि ऐसे और हमले हो सकते हैं.

यह विस्फोट ऐसे समय हुआ है, जब अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बाद से हजारों अफगान देश से निकलने की कोशिश कर रहे हैं और पिछले कई दिनों से एयरपोर्ट पर जमा हैं. पश्चिमी देशों ने हमले की आशंका पहले ही जतायी थी. इससे पहले दिन में कई देशों ने लोगों से एयरपोर्ट से दूर रहने की अपील की थी क्योंकि वहां आत्मघाती हमले की आशंका जतायी गई थी.

एक धमाका एयरपोर्ट के प्रवेश द्वार के पास हुआ जबकि दूसरा एक होटल से कुछ दूरी पर हुआ. जानकारी के मुताबिक, एक हमलावर ने उन लोगों को निशाना बनाकर हमला किया जो गर्मी से बचने के लिए घुटनों तक पानी वाली नहर में खड़े थे और इस दौरान शव पानी में बिखर गए. दूसरा धमाका होटल बारोन के पास हुआ जहां अफगान, ब्रिटिश और अमेरिकी नागरिकों समेत अन्य लोग एकत्र थे जिन्हें देश छोड़ने के लिए एयरपोर्ट पर जाने से पहले हाल के दिनों में यहां ठहराया गया था.

भारत ने इन घातक बम धमाकों की कड़ी निंदा की और कहा कि इन धमाकों ने एक बार फिर उस आवश्यकता को उजागर किया है कि आतंक के विरुद्ध दुनिया को एक साथ आने की जरूरत है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 27, 2021 08:58 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).