ट्रंप के टैरिफ लागू हुए, चीन पर 104 परसेंट टैक्स
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा घोषित टैरिफ आज से लागू हो गए हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा घोषित टैरिफ आज से लागू हो गए हैं. इनमें चीन पर 104 फीसदी आयात शुल्क शामिल है. चीन दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक देश है.- डॉनल्ड ट्रंप द्वारा घोषित रेसिप्रोकल टैरिफ लागू हो गए हैं.
- चीन पर सबसे ज्यादा 104 फीसदी टैरिफ लगाया गया है.
- भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट है.
अमेरिकी इतिहास में बहुत पहले नाकाम हो चुका है टैरिफ
आज डॉनल्ड ट्रंप जिन शुल्कों के जरिए अमेरिकी अर्थव्यवस्था को उबारने की बात कर रहे हैं वह अमेरिका के लिए इससे पहले नाकामी और महामंदी का कारण बना था. ग्रेट डिप्रेशन यानी महामंदी के शुरुआती दिनों में रिपब्लिकन सांसद विलीस हाउले और उटा के सीनेटर रीड स्मूट ने यह समझा कि उन्हें अमेरिकी किसानों और निर्माताओं को विदेशी मुकाबले से बचाने का उपाय मिल गया है. टैरिफ यानी आयात शुल्क के बारे में इन दोनों अमेरिकी नेताओं की यही राय थी. राष्ट्रपति हर्बर्ट हूवर ने 1930 में स्मूट-हावले टैरिफ एक्ट पर दस्तखत किया.
यहां जानिए, उसके बाद क्या हुआ.
ट्रंप के टैरिफ लागू, चीन पर 104 फीसदी शुल्क
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा घोषित टैरिफ बुधवार से लागू हो गए हैं. इनमें चीन पर 104 फीसदी आयात शुल्क शामिल है. चीन दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक देश है.
इन शुल्कों की सूची में 60 अन्य देशों के नाम भी हैं, जिन्हें 11 फीसदी से 50 फीसदी तक का शुल्क देना होगा. भारत पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया गया है. ट्रंप ने कहा है कि ये टैरिफ उनकी आर्थिक नजरिए से जरूरी हैं.
चीन पर अतिरिक्त शुल्क तब लगाया गया जब बीजिंग ने ट्रंप की तय समयसीमा तक अमेरिका पर लगे अपने जवाबी शुल्क हटाने से इनकार कर दिया. इस फैसले के बाद मंगलवार को अमेरिका के शेयर बाजारों में पहले तेजी आई, लेकिन व्हाइट हाउस द्वारा नए टैरिफ की पुष्टि होते ही बाजार फिर से गिर गया.
विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति एक बड़े व्यापार युद्ध का रूप ले सकती है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक होगी. कुछ अमेरिकी इन टैरिफ का स्वागत कर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे देश की इंडस्ट्री को फायदा होगा, वहीं कई लोग मंदी की आशंका से चिंतित हैं.