भारत, दुनिया, खेल और विज्ञान की सारी बड़ी खबरें, एक साथ और तुरंत. हम यह पेज लगातार अपडेट कर रहे हैं ताकि आपको दिनभर की खबरें एक साथ एक जगह मिल जाएं.- रूसी तेल खरीदने पर भारत पर ट्रंप का अतिरिक्त 25% टैरिफ लागू
- वैष्णो देवी यात्रा रूट पर भूस्खलन, कम से 30 की मौत
- रविचंद्रन अश्विन ने आईपीएल से लिया संन्यास
- सशस्त्र बलों को लंबे संघर्षों के लिए तैयार रहना चाहिए: राजनाथ सिंह
- ईयू-अमेरिका टैरिफ समझौता जर्मन कंपनियों के लिए भारी बोझ: सर्वे
राहुल गांधी ने भारत-पाक संघर्ष पर ट्रंप के दावे से मोदी को घेरा
बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के निर्देश पर पाकिस्तान के आतंकी कैंपों के खिलाफ भारत की कार्रवाई रोकने का आरोप लगाया.
राहुल गांधी का यह बयान, ट्रंप के उस दावे के एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने में उनकी बड़ी भूमिका रही है.
राहुल ने ट्रंप के इसी दावे पर कहा, "ट्रंप ने आज कहा कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध चल रहा था, तो मैंने फोन उठाया और नरेंद्र मोदी को बताया कि वो जो कुछ भी कर रहे हैं, उसे 24 घंटे के अंदर बंद कर दें. और नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे नहीं, बल्कि पांच घंटे में सब कुछ रोक दिया."
ट्रंप ने अपने दावे में कहा था उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दो परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसियों के बीच हस्तक्षेप किया और व्यापार तथा टैरिफ की धमकियों का इस्तेमाल करके प्रधानमंत्री मोदी को इस्लामाबाद के साथ युद्ध विराम के लिए मजबूर किया.
जर्मनी में स्वैच्छिक सैन्य सेवा बिल पारित
जर्मनी की सरकार ने स्वैच्छिक सैन्य सेवा के लिए एक बिल को मंजूरी दे दी है. रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने घोषणा की कि यह कदम सैनिकों की भर्ती को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए उठाया गया है. यह नया मॉडल पूरी तरह से स्वैच्छिक सेवा पर आधारित है और फिलहाल अनिवार्य सेवाको फिर से शुरू करने की कोई योजना नहीं है.
पिस्टोरियस का लक्ष्य 2030 की शुरुआत तक सैनिकों की संख्या को 1,80,000 से बढ़ाकर 2,60,000 करना है, ताकि NATO के नए लक्ष्यों को पूरा किया जा सके. प्रस्ताव की मंजूरी के बाद, चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "आज के दृष्टिकोण से, मुझे विश्वास है कि हम शुरू में उन संख्याओं को प्राप्त कर लेंगे जिनकी हमें जरूरत है." मैर्त्स ने यह भी कहा कि रूस यूरोप की सुरक्षा के लिए लंबे समय तक सबसे बड़ा खतरा बना रहेगा.
प्रस्तावित कानून के अनुसार, 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी पुरुषों के लिए सैन्य सेवा करने की इच्छा को लेकर एक अनिवार्य सर्वे किया जाएगा. उन्हें क्यूआर कोड के साथ एक पत्र भेजा जाएगा, जो उन्हें एक ऑनलाइन प्रश्नावली पर ले जाएगा. रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि अन्य लिंगों के व्यक्तियों के लिए, प्रश्नों का उत्तर देना स्वैच्छिक है, क्योंकि वे भर्ती के अधीन नहीं हैं. इस बिल पर सांसदों द्वारा गहन बहस और संभावित बदलावों के बाद ही इसे अंतिम मंजूरी मिलेगी.
जर्मनी में शरणार्थियों का 'स्वागत महसूस करने' की भावना में गिरावट: अध्ययन
जर्मन इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक रिसर्च (DIW) द्वारा किए गए एक दीर्घकालिक अध्ययन से पता चला है कि जर्मनी में शरणार्थियों के बीच 'स्वागत योग्य महसूस करने' की भावना में लगातार गिरावट आई है. शोधकर्ताओं द्वारा 2017 में किए गए एक सर्वेक्षण में, 84 फीसदी शरणार्थियों ने कहा था कि वे जर्मनी में खुद को स्वागत योग्य महसूस करते हैं, लेकिन 2023 तक यह आंकड़ा घटकर केवल 65 फीसदी रह गया.
अध्ययन के लेखकों ने इस गिरावट का सीधा संबंध प्रवासन उपायों को सख्त करने पर चल रही राजनीतिक बहस से जोड़ा है. विश्लेषण में कहा गया है कि 2023 में राजनीतिक चर्चा में प्रवासन-विरोधी विचारों की बढ़ती दृश्यता और समूह-केंद्रित शत्रुता के उच्च स्तर ने शरणार्थियों के बीच असुरक्षा की भावना को बढ़ाया.
यह अध्ययन 2013 और सितंबर 2022 के बीच जर्मनी में शरण या अस्थायी सुरक्षा के लिए आवेदन करने वाले लोगों पर केंद्रित था. इन लोगों से 2017 से 2023 के बीच सालाना सर्वे किया गया था, भले ही उनके आवेदन स्वीकार हुए हों या नहीं.
ट्रंप ने मोदी को चार बार किया फोन, नहीं मिला जवाब: जर्मन अखबार
जर्मन अखबार, फ्रांकफुर्टर आल्गेमाइने त्साइटुंग (एफएजेड) ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के हफ्तों में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के चार बार फोन करने का कोई जवाब नहीं दिया. एनडीटीवी की खबर के अनुसार जापानी अखबार, निक्केई एशिया, ने भी इसी तरह के दावे किए हैं, जिसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप के कॉल को टाल रहे थे.
यह तनाव तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय सामानों पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया, जो ब्राजील को छोड़कर किसी भी देश के लिए सबसे ज्यादा है. इसमें रूस से कच्चे तेल की खरीद के लिए भारत पर लगाया गया 25 फीसदी का अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है. भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि वह देश के किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं करेंगे. एफएजेड की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह व्यापारिक टकराव दिखाता है कि नई दिल्ली वॉशिंगटन के दबाव के आगे नहीं झुकेगा.
इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी अगस्त के अंत में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन का दौरा करने वाले हैं. इस यात्रा को व्यापक रूप से बीजिंग के साथ तनाव कम करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.
दक्षिण कोरिया में क्लासरूम में मोबाइल फोन पर बैन
दक्षिण कोरिया की संसद ने बुधवार को देशभर के स्कूलों के क्लासरूम में मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल गैजेट्स के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक विधेयक पारित किया. देश में युवाओं के बीच सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर चिंताओं के बीच इस विधेयक को मंजूरी दी गई.
स्मार्ट फोन पर बैन मार्च, 2026 से प्रभावी होगा. दक्षिण कोरिया अब उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने नाबालिगों के लिए स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को सीमित करने को लेकर नियम बनाए हैं.
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया 16 साल तक के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल प्रतिबंधित कर चुका है. प्यू रिसर्च सेंटर के साल 2022 और 2023 में 27 देशों के सर्वेक्षणों से पता चलता है कि दक्षिण कोरिया दुनिया के सबसे अधिक डिजिटल रूप से जुड़े देशों में से एक है, जहां 99% दक्षिण कोरियाई ऑनलाइन हैं और 98% के पास स्मार्टफोन है.
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एआई पर वैश्विक सहयोग बढ़ाने के लिए दो नई पहलें शुरू कीं
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) गवर्नेंस पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो नए संस्थागत तंत्रों के निर्माण के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के एक ऐतिहासिक फैसले की सराहना की है.
26 अगस्त, 2025 को जारी एक बयान में, गुटेरेस ने 'संयुक्त राष्ट्र स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल ऑन एआई' और 'ग्लोबल डायलॉग ऑन एआई गवर्नेंस' की स्थापना के लिए अपना मजबूत समर्थन व्यक्त किया. महासचिव ने कहा कि ये विकास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लाभों का उपयोग करने के साथ-साथ इसके जोखिमों को संबोधित करने के वैश्विक प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है.
हाल ही में घोषित यह तंत्र सदस्य देशों की ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट को आगे बढ़ाने के प्रति समर्पण को भी प्रदर्शित करता है, जिसे सितंबर 2024 में पैक्ट फॉर द फ्यूचर के हिस्से के रूप में अपनाया गया था. बयान के अनुसार, ग्लोबल डायलॉग ऑन एआई गवर्नेंस को राज्यों और हितधारकों के लिए एक समावेशी मंच के रूप में कार्य करने के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि वे आज मानवता के सामने एआई से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर सकें.
चार दशकों में गंगोत्री ग्लेशियर से पिघली 10% बर्फ
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि गंगोत्री ग्लेशियर पर जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट प्रभाव पड़ रहा है. पिछले चार दशकों (1980-2020) के उपग्रह और वास्तविक डेटा का उपयोग कर किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि तापमान में वृद्धि के कारण ग्लेशियर में बर्फ का बनना कम हो गया है, जिससे बर्फ पिघलने वाले पानी की कुल मात्रा में कमी आई है.
'जर्नल ऑफ द इंडियन सोसाइटी ऑफ रिमोट सेंसिंग' में प्रकाशित इस शोध पत्र में बताया गया है कि 1980-2000 की तुलना में 2001-2020 के दौरान गंगोत्री ग्लेशियर सिस्टम (जीजीएस) में औसत तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है. इस तापमान वृद्धि के कारण बर्फ जल्दी पिघलना शुरू हो जाती है, जिससे जल का बहाव भी जल्दी ही अपने चरम पर पहुंच जाता है.
यह अध्ययन आईआईटी इंदौर के जल विज्ञान विशेषज्ञों और संयुक्त राज्य अमेरिका के चार विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों के साथ-साथ नेपाल स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) के वैज्ञानिकों के सहयोग से किया गया था.
ग्रीनलैंड में गुप्त गतिविधियों की रिपोर्ट के बीच डेनमार्क ने अमेरिकी राजदूत को तलब किया
डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके ने बुधवार को कोपेनहेगन में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया. यह कदम उन रिपोर्टों के बाद उठाया गया है जिनमें कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के प्रशासन से जुड़े कुछ अमेरिकी नागरिकों ने ग्रीनलैंड में गोपनीय रूप से प्रभाव डालने की कोशिश की थी.
कोपेनहेगन के अधिकारी इस तरह के विदेशी हस्तक्षेप को अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता पर हमले के रूप में देखते हैं. विदेश मंत्री ने साफ कहा कि डेनमार्क अपने क्षेत्र में गुप्त गतिविधियों को बेशक स्वीकार नहीं करेगा. राष्ट्रीय मीडिया प्रसारक डीआर ने रिपोर्ट दी है कि ट्रंप प्रशासन से जुड़े कम से कम तीन अमेरिकी नागरिक ग्रीनलैंड में गुप्त प्रभाव डालने की गतिविधियों में शामिल थे. इन व्यक्तियों का नाम नहीं बताया गया है. लोके ने डेनिश आंतरिक मामलों में किसी भी हस्तक्षेप को अस्वीकार्य बताया और विदेश मंत्रालय को अमेरिका के प्रभारी को तलब करने का आदेश दिया.
डीआर ने आठ स्रोतों का हवाला देते हुए बताया कि ये तीन लोग डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच संबंधों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वे स्वतंत्र रूप से काम कर रहे थे या किसी के आदेश पर. ट्रंप ने बार-बार कहा है कि वह ग्रीनलैंड पर अमेरिका का अधिकार चाहते हैं. उन्होंने इसकी खनिज संपदा और आर्कटिक में रणनीतिक स्थान का हवाला दिया है.
ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज माइकल क्लार्क की एक और स्किन कैंसर सर्जरी
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क की स्किन कैंसर के लिए छठी सर्जरी हुई है, इस बार उनकी नाक से गांठ को हटाने के लिए सर्जरी की गई है. 44 साल के क्लार्क ने सोशल मीडिया पर अपनी सेहत की जानकारी साझा की और लोगों से नियमित रूप से हेल्थ चेकअप कराने की अपील की. क्लार्क, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को 2015 में घरेलू मैदान पर वर्ल्ड कप जिताया था, ने सर्जरी के बाद एक तस्वीर पोस्ट की और इस चिकित्सीय स्थिति से बचने के बारे में एक चौंकाने वाला संदेश साझा किया.
यह पहली बार नहीं है जब क्लार्क ने कैंसर के लिए सर्जरी करवाई हो. उन्हें पहली बार 2006 में इस बीमारी का पता चला था. उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, "स्किन कैंसर एक वास्तविक बीमारी है, खासकर ऑस्ट्रेलिया में. आज मेरी नाक से एक और कैंसर वाली गांठ निकाली गई. इसलिए यह एक दोस्ताना सलाह है कि अपनी त्वचा की जांच जरूर करवाएं. रोकथाम इलाज से बेहतर है, लेकिन मेरे मामले में, नियमित जांच और जल्दी पता लगाना अहम है."
मोल्दोवा का संयुक्त दौरा करेंगे जर्मन, फ्रांसीसी और पोलिश नेता
जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स, फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों और पोलैंड के प्रधानमंत्री डॉनल्ड टस्क बुधवार को यूक्रेन की सीमा से सटे मोल्दोवा का दौरा करेंगे. तीनों यूरोपीय संघ के नेता इस पूर्व सोवियत गणराज्य की स्वतंत्रता की 34वीं वर्षगांठ के समारोह में हिस्सा लेंगे. इस यात्रा का उद्देश्य सितंबर में होने वाले संसदीय चुनावों से पहले राष्ट्रपति माईया सैंडू और देश की यूरोप समर्थक सरकार के प्रति अपना समर्थन दिखाना है.
यूक्रेन की तरह, मोल्दोवा भी 2022 से यूरोपीय संघ का उम्मीदवार देश रहा है. हालांकि, यह देश अभी भी यूरोप-समर्थक और रूस-समर्थक ताकतों के बीच बंटा हुआ है. इस साल सितंबर में होने वाले संसदीय चुनाव यह तय करेंगे कि देश किस दिशा में आगे बढ़ेगा. 2021 में, राष्ट्रपति सैंडू की यूरोप-समर्थक पार्टी, पार्टी ऑफ एक्शन एंड सॉलिडैरिटी (पीएएस) ने संसद की 101 में से 63 सीटें हासिल की थीं. लेकिन कठिन आर्थिक स्थिति के कारण, सत्तारूढ़ पार्टी अब अपना बहुमत खोने के खतरे का सामना कर रही है.
मोल्दोवा की सरकार ने रूस पर जानबूझकर गलत सूचना और अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया है. आगामी संसदीय चुनावों के लिए, चार रूस-समर्थक विपक्षी पार्टियों ने एक चुनावी गठबंधन बनाने की घोषणा की है. तीनों यूरोपीय नेताओं की यह यात्रा राष्ट्रपति सैंडू के लिए एक मजबूत समर्थन का संकेत है और यह रूसी हस्तक्षेप के खिलाफ एक शक्तिशाली संदेश भी देती है. 1990 के दशक से ही मोल्दोवा के अलग हुए क्षेत्र ट्रांसनिस्ट्रिया में रूसी सैनिक तैनात हैं.
चीन में भारी बारिश से सड़कों को 2.2 अरब डॉलर का नुकसान
चीन के परिवहन मंत्रालय ने 27 अगस्त को बताया कि देश के कई हिस्सों में हुई बारिश से सड़कों को 16 अरब युआन (2.24 अरब डॉलर) से ज्यादा का नुकसान हुआ है. रॉयटर्स के अनुसार परिवहन मंत्रालय के प्रवक्ता ली यिंग ने पत्रकारों को बताया कि यह प्रारंभिक अनुमान बाढ़ के मौसम की शुरुआत से अब तक हुए सड़क के नुकसान को कवर करता है.
इस नुकसान से 23 प्रांत, क्षेत्र और नगर पालिकाएं प्रभावित हुई हैं, जो चीन के दो-तिहाई से अधिक प्रशासनिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं. चीन के जल संसाधन मंत्रालय के अनुसार, बाढ़ का मौसम आधिकारिक तौर पर 1 जुलाई को शुरू हुआ था और इसने देश के उत्तरी और दक्षिणी इलाके में रिकॉर्ड तोड़ बारिश की है.
ली ने कहा कि अब तक, परिवहन और वित्त मंत्रालयों ने स्थानीय अधिकारियों को आपातकालीन सड़क मरम्मत के लिए लगभग 5.40 करोड़ युआन की सब्सिडी आवंटित की है. यह नुकसान देश की आर्थिक चुनौतियों को और बढ़ा रहा है, जिसमें सार्वजनिक खर्च पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है.
2035 तक कार्बन उत्सर्जन लक्ष्यों को हासिल कर पाना मुश्किल: ईयू ऑटोमोबाइल समूह
यूरोपीय ऑटोमोबाइल निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं के संघों के प्रमुखों का कहना है कि वाहनों से कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने के लिए यूरोपीय संघ के मौजूदा लक्ष्य, जिनमें 2035 तक कारों के लिए 100 फीसदी कटौती शामिल है, अब व्यावहारिक नहीं हैं. उन्होंने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेय लाएन को एक पत्र लिखकर इन लक्ष्यों को पूरा करने में आ रही बड़ी चुनौतियों को उजागर किया.
मर्सिडीज-बेंज के सीईओ ओला काएलैनियस और श्काएफ्लर एजी के सीईओ माथियास जिंक द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में कई प्रमुख मुद्दों पर प्रकाश डाला गया है.
एशियाई बैटरियों पर निर्भरता: यूरोपीय निर्माता इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए आवश्यक बैटरियों के लिए लगभग पूरी तरह से एशिया पर निर्भर हैं.
अपर्याप्त चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: पूरे यूरोप में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ईवी की मांग के अनुसार विकसित नहीं हो रहा है.
उच्च विनिर्माण लागत: ईवीएस के उत्पादन की लागत अभी भी बहुत ज्यादा है, जिससे चीनी मॉडलों के साथ प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो रहा है.
अमेरिकी टैरिफ: उद्योग अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव से भी जूझ रहा है, जिससे आर्थिक परिदृश्य और भी जटिल हो गया है.
इन चुनौतियों के बावजूद, ऑटो समूहों ने 2050 तक यूरोपीय संघ के शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के व्यापक लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. हालांकि, उनका तर्क है कि 2035 तक 100 फीसदी कटौती जैसे लक्ष्यों से हटकर एक अधिक व्यापक रणनीति की आवश्यकता है. वर्तमान में, यूरोपीय संघ में नई कारों में ईवी की बाजार हिस्सेदारी लगभग 15 फीसदी है, जबकि इलेक्ट्रिक वैन की हिस्सेदारी केवल 9 फीसदी है. यह एक बड़ा अंतर है जिसे महत्वाकांक्षी 2035 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए पाटना होगा.
ईयू-अमेरिका टैरिफ समझौता जर्मन कंपनियों के लिए भारी बोझ: सर्वे
एक नए सर्वे के अनुसार, जर्मन कंपनियों ने यूरोपीय संघ (ईयू) और अमेरिका के बीच हुए टैरिफ समझौते पर लगातार चिंता जताई है. उनका मानना है कि यह समझौता यूरोपीय व्यवसायों और अमेरिका के साथ व्यापार पर एक भारी बोझ डाल सकता है. जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डीआईएचके) द्वारा किए गए इस सर्वे में 3,500 से ज्यादा औद्योगिक कंपनियों को शामिल किया गया था.
सर्वे में पाया गया कि 55 फीसदी कंपनियां मानती हैं कि यह समझौतायूरोपीय अर्थव्यवस्था पर बहुत भारी बोझ डाल रहा है और आगे की बातचीत में एक सख्त रुख अपनाने का समर्थन करती हैं. अमेरिका के साथ व्यापार करने वाली 54 फीसदी कंपनियों ने कहा कि इस समझौते से अमेरिका के साथ उनका व्यापार कम होगा. डीआईएचके के विदेश व्यापार प्रमुख वोल्कर ट्रेयर ने समाचार एजेंसी डीपीए से कहा कि अमेरिका का नया संरक्षणवादी व्यापार दृष्टिकोण अनिश्चितता पैदा कर रहा है.
सर्वे के अनुसार, 62 फीसदी कंपनियां बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों पर डालने की योजना बना रही हैं, जबकि 15 फीसदी ने कहा कि वे खुद ही इस बोझ को वहन करेंगी. इसके अलावा, अमेरिका में परिचालन करने वाली 17 फीसदी कंपनियां वहां निवेश में देरी कर रही हैं और 9 फीसदी ने इसे कम करने की योजना बनाई है. यह समझौता जुलाई में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेय लाएन द्वारा घोषित किया गया था, जिसमें अधिकांश यूरोपीय सामानों पर 15 फीसदी अमेरिकी टैरिफ लगाया गया है, जबकि अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों पर टैरिफ हटा दिया गया है.
दिल्ली में एलजी के किस आदेश का विरोध कर रहे वकील
दिल्ली के उप राज्यपाल के उस आदेश का वकील विरोध कर रहे हैं, जिसमें पुलिस थानों से ही पुलिसकर्मियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही देने की अनुमति दी गई है. दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने 13 अगस्त को एक अधिसूचना जारी कर पुलिस अधिकारियों की गवाही के रिकॉर्ड करने के लिए पुलिस थानों को "नामित स्थल" बनाया था.
दिल्ली की जिला अदालतों के वकील इस अधिसूचना का लगातार विरोध कर रहे हैं, वकीलों का दावा है कि यह कदम निष्पक्ष सुनवाई के मानकों को कमजोर करता है और पुलिस द्वारा सबूतों से छेड़छाड़ की संभावना को बढ़ाता है. इस फैसले के विरोध में पिछले हफ्ते शहर की निचली अदालतों में दो दिन की हड़ताल भी हुई.
इस बीच दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) ने बुधवार को वकीलों से आग्रह किया कि उपराज्यपाल द्वारा राष्ट्रीय राजधानी के सभी पुलिस थानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस अधिकारियों के बयान दर्ज करने के लिए "नामित स्थल" घोषित करने के विरोध में अदालत में पेश होने के दौरान "काले रिबन" पहनें.
रविचंद्रन अश्विन ने आईपीएल से लिया संन्यास
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन, ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से संन्यास की घोषणा कर अपने पेशेवर करियर का अंत कर दिया है. अश्विन ने 2025 के आईपीएल संस्करण में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए आखिरी बार खेला था. उन्होंने दिसंबर 2024 में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी, जब ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी समाप्त होने वाली थी.
अश्विन का आईपीएल छोड़ने का फैसला चौंकाने वाला है, क्योंकि अफवाहें थीं कि वह 2026 के आईपीएल नीलामी से पहले राजस्थान रॉयल्स में वापसी कर सकते थे. अश्विन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारतीय क्रिकेट में उनका समय समाप्त हो गया है, लेकिन यह चरण एक नए अध्याय की शुरुआत भी है, जिसमें वह दुनिया भर की लीग में जाते रहेंगे.












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