जिनेवा: आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान की दुनियाभर में फजीहत होती आई है. समय-समय पर आतंक को समर्थन देने के चलते पाकिस्तान (Pakistan) की किरी-किरी होती रही है. इसी कड़ी में स्विट्जरलैंड (Switzerland) के जिनेवा (Geneva) में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ बैनर लगे. बैनर में पाकिस्तान सेना को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र बताया गया है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 43वें सत्र के दौरान जिनेवा में ब्रोकन चेयर स्मारक के पास लगे पोस्टर में लिखा है कि पाकिस्तानी सेना अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 43वें सत्र के दौरान जिनेवा में ब्रोकन चेयर स्मारक के पास 'पाकिस्तान आर्मी एपिकेंटर ऑफ इंटरनेशनल टेररिज्म'(पाकिस्तानी सेना अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र) लिखा एक बैनर लगाया गया.
बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब भारत के आलावा अन्य देशो ने पाकिस्तान को आतंक के मुद्दे पर घेरा हो. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पाकिस्तान को इस मुद्दे पर घेर चुके हैं. आतंकी फंडिंग को लेकर FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखा है. जून 2020 तक अगर पाकिस्तान ने आतंकी फंडिंग के खिलाफ FATF की सभी शर्तों को नहीं माना तो पाकिस्तान 'ब्लैक लिस्ट' में जा सकता है.
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पाक आर्मी के खिलाफ पोस्टर-
Switzerland: A banner reading 'Pakistan Army Epicenter of International Terrorism' was put up near Broken Chair monument in Geneva, during the ongoing 43rd session of the United Nations Human Rights Council pic.twitter.com/cArxiia7n6
— ANI (@ANI) February 29, 2020
पाकिस्तान में हो रहे मानवाधिकारों के हनन के खिलाफ भी दुनियाभर में प्रदर्शन होते आए हैं. हाल ही में पश्तीन तहफ्फुज मूवमेंट (Pashtun Tahafuz Movement) के संस्थापक और मानवाधिकार कार्यकर्ता मंजूर पश्तीन (Manzoor Pashteen) की गिरफ्तारी का विरोध लंदन तक में विरोध हुआ. लंदन में ब्रिटेन और यूरोप में रहने वाले पश्तूनों की एक बड़े समूह ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने यहां पाकिस्तानी दूतावास के सामने इकट्ठा होकर मंजूर पश्तीन को रिहा करने की मांग की थी.
पाकिस्तान ऐसे कई मुद्दों में काफी लंबे समय से घिरता रहा है पर बावजूद इसके पाकिस्तान इस बाबत कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाता है. पाकिस्तान की इमरान सरकार आतंक के खिलाफ कदम उठाने के महज झूठे दावे कर रही है. अब देखना यह होगा कि जून 2020 में FATF पाकिस्तान को 'ब्लैक लिस्ट' करने का फैसला सुनाता है या नहीं.













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