रूस का कुरील द्वीप समूह 7.0 तीव्रता के भूकंप से कांपा, सुनामी की चेतावनी और 600 साल बाद ज्वालामुखी फटा
रूस के कुरील द्वीप समूह में 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद कुछ क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई. यह घटना कुछ ही दिन पहले कामचटका प्रायद्वीप में आए 8.8 तीव्रता के भूकंप के बाद हुई है. इसी दौरान, क्षेत्र में 600 वर्षों में पहली बार एक ज्वालामुखी के फटने की भी खबर है.
रूस के पूर्वी हिस्से में आजकल कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है. यहाँ एक के बाद एक प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं. रविवार को रूस के कुरील द्वीप समूह (Kuril Islands) में 7.0 तीव्रता का एक ज़ोरदार भूकंप आया. यह भूकंप कुछ ही दिन पहले, 30 जुलाई को आए 8.8 तीव्रता वाले महा-भूकंप के बाद आया है, जिसने पहले ही लोगों में दहशत फैला दी थी.
भूकंप के बाद सुनामी का अलर्ट
7.0 तीव्रता के इस भूकंप के तुरंत बाद, रूस के आपातकालीन सेवा मंत्रालय ने कामचटका प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी. मंत्रालय ने टेलीग्राम पर एक संदेश में लोगों को सावधान करते हुए कहा, "सुनामी की लहरों की ऊंचाई कम रहने की उम्मीद है, लेकिन फिर भी आप सभी को समुद्र तट से दूर चले जाना चाहिए."
हालांकि, एक और एजेंसी, प्रशांत सुनामी चेतावनी प्रणाली (Pacific Tsunami Warning System) का कहना है कि इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है.
600 साल से शांत ज्वालामुखी भी फटा
इस बीच, एक और बड़ी घटना ने चिंता बढ़ा दी है. कामचटका का क्राशेनिनिकोव ज्वालामुखी, जो पिछले 600 सालों से शांत था, अचानक फट पड़ा. वैज्ञानिकों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि यह ज्वालामुखी सदियों बाद सक्रिय हुआ है.
कुल मिलाकर, रूस का यह सुदूर पूर्वी इलाका इस समय भूकंप के लगातार झटकों, सुनामी के खतरे और एक ऐतिहासिक ज्वालामुखी विस्फोट की तिहरी मार झेल रहा है, जिससे वहां के लोगों के लिए हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं.