इमरान खान ने भारत के खिलाफ उगला जहर, कहा- 'तबाही का रास्ता' नहीं छोड़ा तो हो जाएंगे इसके कई टुकड़े
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को एक बार फिर भारत के खिलाफ आपत्तिजनक व भड़काऊ बातें कहीं. उन्होंने कहा कि 'भारत फासीवाद और चरमपंथ के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और अगर इसने यह रास्ता नहीं छोड़ा तो यह कई टुकड़ों में विभाजित हो जाएगा.' '
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को एक बार फिर भारत के खिलाफ आपत्तिजनक व भड़काऊ बातें कहीं. उन्होंने कहा कि 'भारत फासीवाद और चरमपंथ के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और अगर इसने यह रास्ता नहीं छोड़ा तो यह कई टुकड़ों में विभाजित हो जाएगा.' 'एक्सप्रेस न्यूज' की रिपोर्ट के मुताबिक, मलेशिया के दौरे पर आए इमरान ने एडवांस इस्लामिक स्टडीज इंस्टीट्यूट में अपने संबोधन में यह बात कही. एक सवाल के जवाब में इमरान ने कहा, "जब मैं प्रधानमंत्री बना तो मैंने सबसे पहले भारत से संपर्क किया. मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने समर्थन का यकीन दिलाते हुए कहा था कि हम अपने संबंधों को बेहतर बनाने के लिए जो कुछ हो सकेगा, करेंगे क्योंकि सबसे अधिक गरीब लोग हमारे इलाके में ही रहते हैं."
इमरान ने कहा, "क्षेत्र में गरीबी दूर करने का सबसे बेहतरीन तरीका यही है कि दोनों देश आपस में व्यापार करें. तनाव जितना कम होगा, दोनों देश रक्षा पर उतना ही कम खर्च करेंगे और व्यापार पर अधिक खर्च करेंगे. इससे खुशहाली आएगी." इसके बाद इमरान ने कहा, "भारत की तरफ से हमारी पेशकश को लगातार ठुकराया जा रहा है. इसकी कोई व्यावहारिक वजह नहीं है बल्कि वजह यह है कि भारत पर एक चरमपंथी विचार ने कब्जा कर लिया है. जो कुछ भारत में हो रहा है, वह भारतीय जनता के लिए बेहद खतरनाक है और इससे भारत हमेशा के लिए विभाजित हो जाएगा और इसके टुकड़े हो जाएंगे." यह भी पढ़े: इमरान खान का अजीबोगरीब बयान, बोले ’इंजेक्शन लगने के बाद नर्सें हूर की तरह दिखने लगी’
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत में एक बड़ा अल्पसंख्यक तबका मौजूद है. और, हिंदुत्व फासीवादी विचारधारा ने 50 करोड़ लोगों को अलग कर दिया और अगर वे इसी डगर पर चलते रहे तो इन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। अगर भारत में चरमपंथ का जिन एक बार बोतल से बाहर आ गया तो फिर उसे वापस बोतल में डालना मुश्किल हो जाएगा. इमरान ने कहा, "मैं भारत से हमदर्दी का इजहार करते हुए कह रहा हूं कि जो कुछ वहां हो रहा है, वो इसके लिए सबसे बड़ी तबाही है क्योंकि फासीवादी सोच किसी और सोच को उठने नहीं देती है. "
उन्होंने कहा कि वह एक बार फिर भारत से वार्ता करने के प्रस्ताव को दोहरा रहे हैं. इमरान ने इस मौके पर पाकिस्तान-मलेशिया संबंध, विश्व के देशों के सामने इस्लाम की सही व्याख्या पेश करने, इस्लामोफोबिया से निपटने जैसे मुद्दों पर भी अपनी राय रखी.
गौरतलब है कि भारत ने हमेशा से इस बात पर जोर दिया है कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना और भारत में आतंकवादी हमलों की साजिशें रचना बंद कर दे तो फिर वह उससे वार्ता के लिए तैयार है। आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा निर्णायक कदम नहीं उठाया जाना भारत को नामंजूर है और अच्छे रिश्ते की राह की सबसे बड़ी बाधा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 05, 2020 04:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

