LIVE: फलस्तीन को औपचारिक रूप से राष्ट्र का दर्जा देगा फ्रांस

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प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

दिनभर की ब्रेकिंग न्यूज और अन्य जरूरी खबरें एक साथ. राजनीति, दुनिया, खेल, व्यापार और पर्यावरण से जुड़ी आज की सारी अहम खबरें यहां हैं. हम इस पेज को लगातार अपडेट कर रहे हैं.- मणिपुर में छह महीने के लिए बढ़ाया गया राष्ट्रपति शासन

- फलस्तीन को औपचारिक रूप से राष्ट्र का दर्जा देगा फ्रांस

- राजस्थान में सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की हुई मौत

- ईरान और यूरोपीय शक्तियां परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने को तैयार

ईरान और यूरोपीय शक्तियां परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने को तैयार

ईरान के राजनयिक शुक्रवार को जर्मनी, ब्रिटेन और फ्रांस के अपने समकक्षों से फिर से परमाणु वार्ता के लिए मिलेंगे. यह बातचीत 2015 के परमाणु समझौते के तहत यूरोपीय शक्तियों द्वारा "स्नैपबैक" (तुरंत प्रतिबंध वापस लाने वाला नियम) प्रतिबंधों को वापस लगाने की चेतावनी के बीच हो रही है. इस्तांबुल में होने वाली यह बैठक इस्राएल के ईरान पर हुए हमले के बाद पहली होगी.

बातचीत से पहले, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकई ने आईआरएनए समाचार एजेंसी को दिए बयान में कहा कि यह बैठक यूरोपीय लोगों के लिए यथार्थवाद की एक परीक्षा होगी और ईरान के परमाणु मुद्दे पर उनके विचारों को सही करने का एक मूल्यवान अवसर होगी.

इसके साथ ही ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध फिर से लगाए जाते हैं, तो तेहरान वैश्विक परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) से हट सकता है. ईरान के उप विदेश मंत्री ने इस हफ्ते चेतावनी दी थी कि अगर यूरोप ने उन पर पुराने परमाणु समझौते वाले प्रतिबंध फिर से लगाए, तो यह पूरी तरह से गलत होगा.

राजस्थान में सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की हुई मौत

राजस्थान के झालावाड़ जिले में शुक्रवार को एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की छत गिर गई. समाचार एजेंसी एएनआई ने राजस्थान शिक्षा विभाग के हवाले से बताया है कि हादसे में सात बच्चों की मौत हो गई है और कई बच्चे घायल हुए हैं. कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और मृतक बच्चों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए.

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राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा है कि प्रत्येक घायल स्टूडेंट का सरकारी खर्च पर इलाज होगा और घटना का कारण पता लगाने के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच भी शुरू की जाएगी. राजस्थान के उप-मुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से बात की है और वे झालावाड़ भी जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से प्रभावितों की यथासंभव मदद की जाएगी.

पूर्वी रूस में हुए विमान हादसे में कोई जीवित नहीं बचा

रूस के सुदूर पूर्व में एक यात्री विमान गुरुवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया. रूसी अधिकारियों ने बताया कि विमान में सवार 48 यात्रियों और चालक दल में से कोई भी जीवित नहीं बचा. आपातकालीन मंत्रालय ने बताया कि अंगारा एयरलाइंस के अंतोनफ एएन-24 का जलता हुआ मलबा तिंदा शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर, अपने गंतव्य के दक्षिण में एक पहाड़ी पर मिला. यह स्थान राजधानी मॉस्को से 7,000 किलोमीटर पूर्व में है.

रूसी मीडिया ने विमान के टेल नंबर के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सोवियत डिजाइन का यह विमान लगभग 50 साल पुराना था, जिसे 1976 में बनाया गया था. अंतोनफ एएन-24 दुनिया के सबसे पुराने यात्री विमानों में से एक है जो अभी भी सेवा में है.

अमेरिकी रेसलर हल्क होगन का 71 वर्ष की आयु में निधन

अमेरिकी रेसलिंग के दिग्गज हल्क होगन का गुरुवार को 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया. वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट (डब्ल्यूडब्ल्यूई) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "डब्ल्यूडब्ल्यूई हॉल ऑफ फेम हल्क होगन के निधन की खबर सुनकर डब्ल्यूडब्ल्यूई दुखी है."

हल्क होगन का वास्तविक नाम टेरी बोलिया था. उन्हें कम से कम छह डब्ल्यूडब्ल्यूई चैंपियनशिप खिताब जीतने के बाद 2005 में हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया था. वह 2020 में न्यू वर्ल्ड ऑर्डर के सदस्य के रूप में दूसरी बार भी हॉल ऑफ फेम में शामिल हुए. होगन के निधन का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है. वह हाल के वर्षों में कई सर्जरी से गुजरे थे और उन्हें लंबे समय से पीठ और गर्दन सहित कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हल्कस्टर पूरी तरह से मजबूत, सख्त, स्मार्ट, लेकिन सबसे बड़े दिल वाले थे. ट्रंप ने कहा, “उन्होंने दुनिया भर के प्रशंसकों का मनोरंजन किया और उनका सांस्कृतिक प्रभाव बहुत बड़ा था.”

एफएए प्रमुख ने एयर इंडिया विमान हादसे की वजह के बारे में क्या कहा

अमेरिका के संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) के प्रमुख ने गुरुवार को कहा कि ऐसा नहीं लगता है कि पिछले महीने हुआ एयर इंडिया विमान हादसा किसी मैकेनिकल समस्या या फ्यूल कंट्रोल स्विच के साथ हुई किसी असावधानी भरी गतिविधि की वजह से हुआ होगा. एफएए के प्रशासक ब्रायन बेडफर्ड ने रिपोर्टरों से कहा, “हम पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि ऐसा नहीं लगता है कि बोइंग की फ्यूल कंट्रोल यूनिट के साथ कोई मैकेनिकल समस्या है.”

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, उन्होंने बताया कि एफएए के कर्मचारियों ने बोइंग विमानों से फ्यूल कंट्रोल यूनिटों को बाहर निकालकर उनकी जांच की. इसके अलावा, निरीक्षकों ने विमानों में जाकर उनकी समीक्षा की. उन्होंने कहा, “हम इस बात से पूरी तरह आश्वस्त हैं कि यह फ्यूल कंट्रोल के साथ कोई असावधानी भरी गतिविधि होने का मामला नहीं है.” बोइंग और एयर इंडिया ने इसे लेकर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की है.

12 जून को अहमदाबाद में हुए हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा, जमीन पर मौजूद 19 लोग भी दुर्घटना में मारे गए थे. इस दुर्घटना की शुरुआती जांच बोइंग 787 विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच पर केंद्रित थी. इसके बाद कई विशेषज्ञों ने अटकलें लगाई थींकि दोनों में से किसी एक पायलट ने फ्यूल स्विच बंद किया होगा. हालांकि, पायलट एसोसिएशनों ने बिना सबूत के ऐसे दावे किए जाने की आलोचना की थी.

फलस्तीन को औपचारिक रूप से राष्ट्र का दर्जा देगा फ्रांस

फ्रांस सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में फलस्तीन को औपचारिक रूप से एक राष्ट्र के रूप में मान्यता देगा. राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने 25 जुलाई को यह घोषणा की. फ्रांस जी-7 समूह का पहला सदस्य देश होगा, जो फलस्तीन को मान्यता देगा. आयरलैंड, स्पेन, नॉर्वे और स्लोवेनिया समेत लगभग 150 देश फलस्तीन को पहले ही मान्यता दे चुके हैं.

माक्रों ने एक्स पर लिखा, "मध्य पूर्व में एक न्यायसंगत और स्थायी शांति के लिए अपनी ऐतिहासिक प्रतिबद्धता के प्रति सच्चा रहते हुए, मैंने फैसला किया है कि फ्रांस फलस्तीन राज्य को मान्यता देगा. मैं सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक औपचारिक घोषणा करूंगा."

फलस्तीनी प्राधिकरण ने माक्रों की घोषणा का स्वागत किया. प्राधिकरण के अध्यक्ष महमूद अब्बास के उप प्रमुख हुसैन अल-शेख ने कहा कि यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति फ्रांस की प्रतिबद्धता और आत्मनिर्णय के लिए फलस्तीनी लोगों के अधिकारों और हमारे स्वतंत्र राज्य की स्थापना के लिए उसके समर्थन को दर्शाता है.

वहीं, इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने माक्रों के इस फैसले की निंदा की है. उन्होंने इसे एक ऐसा कदम बताया जो आतंकवाद को पुरस्कृत करता है और गाजा की तरह एक और ईरानी प्रॉक्सी बनाने का जोखिम उठाता है.

मणिपुर में छह महीने के लिए बढ़ाया गया राष्ट्रपति शासन

केंद्र सरकार ने हिंसा प्रभावित राज्य मणिपुर में राष्ट्रपति शासन छह महीनों के लिए बढ़ा दिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को मणिपुर में पहले से लागू राष्ट्रपति शासन को 13 फरवरी, 2026 तक बढ़ाने के लिए एक वैधानिक प्रस्ताव पेश किया.

मणिपुर के मुख्यमंत्री रहे एन बीरेन सिंह ने इसी साल 9 फरवरी को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने राज्य में जारी हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के चलते इस्तीफा दिया था. इसके बाद केंद्र सरकार ने 13 फरवरी को राज्य में छह महीनों के लिए राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था. 13 अगस्त को यह अवधि पूरी हो जाएगी और इसके बाद अगले छह महीनों के लिए राष्ट्रपति शासन फिर से लागू कर दिया जाएगा.

राष्ट्रपति शासन आमतौर पर तब लगाया जाता है जब किसी राज्य सरकार को संवैधानिक नियमों के अनुसार काम करने में असमर्थ माना जाता है. इसके तहत, राष्ट्रपति राज्यपाल के जरिए राज्य के प्रशासनिक कामकाज को सीधे नियंत्रित करते हैं. उस राज्य की विधानसभा की शक्तियां संसद को स्थानांतरित कर दी जाती हैं. राज्य के सभी फैसले केंद्रीय स्तर पर लिए जाते हैं, या तो संसद के द्वारा या राष्ट्रपति द्वारा.

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