Bangladesh Election Result 2026 LIVE: बांग्लादेश चुनाव 2026 बीएनपी को प्रचंड बहुमत, तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनने को तैयार; जमात-ए-इस्लामी को बड़ा झटका

यह चुनाव अगस्त 2024 में शेख हसीना की 15 साल पुरानी सरकार के पतन के बाद लोकतांत्रिक बहाली का पहला बड़ा चुनाव है, जो छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद हुआ था. अवामी लीग ने इस चुनाव में भाग नहीं लिया, जिसे शेख हसीना ने "सोची-समझी धोखाधड़ी" और "प्रहसन" करार दिया है. अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में हुए इस चुनाव में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सुशासन जैसे मुद्दे प्रमुख रहे.

Bangladesh Election 2026

Bangladesh Election Result 2026 LIVE: बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को हुए 13वें संसदीय चुनाव के नतीजे सामने आने लगे हैं, जिसमें बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है. इस ऐतिहासिक जीत के साथ, बीएनपी अध्यक्ष और प्रधानमंत्री पद के दावेदार तारिक रहमान के देश के अगले प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है, जो 17 साल के निर्वासन के बाद सत्ता में वापसी कर रहे हैं. दूसरी ओर, जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली है, जिससे उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. Bangladesh Election Result: लगातार 5वीं बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनेंगी शेख हसीना, 2024 के चुनाव में अवाम लीग ने लहराया परचम

बीएनपी की प्रचंड जीत और तारिक रहमान का उदय

प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, बीएनपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 212 सीटें जीती हैं, जबकि बीएनपी ने अकेले 151 सीटों पर जीत दर्ज कर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है और 175 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है. कुल 300 संसदीय सीटों में से, बीएनपी ने अब तक 212 सीटों पर जीत हासिल कर ली है. तारिक रहमान ने ढाका-17 और बोगरा-6 दोनों सीटों से अनौपचारिक जीत दर्ज की है, जो उनकी राजनीतिक वापसी के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है. पार्टी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है और अपने समर्थकों से जीत का जश्न जुलूस निकालकर नहीं, बल्कि प्रार्थना सभाओं के माध्यम से मनाने की अपील की है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तारिक रहमान को उनकी जीत पर बधाई दी है.

जमात-ए-इस्लामी को झटका

इस चुनाव में मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन के बीच था. हालांकि, जमात-ए-इस्लामी गठबंधन को केवल 70 सीटें मिली हैं, जिसमें जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटों पर जीत दर्ज की है. यह परिणाम जमात के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर जब चुनाव से पहले उनकी स्थिति को "करो या मरो" जैसा बताया जा रहा था. कई विश्लेषकों का मानना है कि जनता ने कट्टर इस्लामवादी सोच के बजाय बीएनपी के शासन के वादों पर अधिक भरोसा जताया है.

ऐतिहासिक चुनाव और आगे की राह

यह चुनाव अगस्त 2024 में शेख हसीना की 15 साल पुरानी सरकार के पतन के बाद लोकतांत्रिक बहाली का पहला बड़ा चुनाव है, जो छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद हुआ था. अवामी लीग ने इस चुनाव में भाग नहीं लिया, जिसे शेख हसीना ने "सोची-समझी धोखाधड़ी" और "प्रहसन" करार दिया है. अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में हुए इस चुनाव में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सुशासन जैसे मुद्दे प्रमुख रहे. नए प्रधानमंत्री के रूप में तारिक रहमान के सामने देश को स्थिरता प्रदान करने और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की बड़ी चुनौती होगी. यह परिणाम बांग्लादेश की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देता है, जिसके क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण निहितार्थ होंगे.

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