Meta Layoffs 2026: AI बना टेक इंडस्ट्री में बड़ी चुनौती, मेटा में 8,000 कर्मचारियों की फिर छंटनी की तैयारी; सेक्टर में मचा हड़कंप

दिग्गज टेक कंपनी मेटा (Meta) मई 2026 से करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रही है. एआई (AI) पर ध्यान केंद्रित करने और कंपनी को अधिक कुशल बनाने के लिए मार्क जुकरबर्ग ने यह बड़ा कदम उठाया है.

Meta Layoffs 2026:  फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) साल 2023 के बाद अपनी सबसे बड़ी कार्यबल कटौती की तैयारी कर रही है. कंपनी की योजना 20 मई 2026 से लगभग 8,000 कर्मचारियों को बाहर निकालने की है. रॉयटर्स के अनुसार, यह मेटा के वैश्विक कार्यबल का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा है. यह कदम तकनीकी उद्योग के उस व्यापक रुझान को दर्शाता है जहाँ बड़ी कंपनियाँ पारंपरिक स्टाफ के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) निवेश को प्राथमिकता दे रही हैं.

एआई की ओर मेटा का रणनीतिक झुकाव

मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग एआई के क्षेत्र में अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं. कंपनी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि एआई-संचालित उत्पादकता बढ़ने के कारण अब कम कर्मचारियों की आवश्यकता महसूस की जा रही है. जुकरबर्ग का लक्ष्य एक 'फ्लैटर' (Flatter) संगठन बनाना है जिसमें प्रबंधन की परतें कम हों. अब एआई-सहायता प्राप्त टूल उन कार्यों को संभालेंगे जो पहले इंसानों द्वारा किए जाते थे. हालांकि कुछ रिपोर्टों में 20 प्रतिशत तक की कटौती की बात कही गई थी, लेकिन वर्तमान में 10 प्रतिशत का लक्ष्य रखा गया है.  यह भी पढ़े:  Meta Layoffs: अगले महीने सिलिकॉन वैली के कार्यालयों से 200 से अधिक कर्मचारियों की होगी छुट्टी; जानें मुख्य कारण

टेक सेक्टर में छंटनी का सिलसिला जारी

मेटा अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जो छंटनी कर रही है. साल 2026 की शुरुआत टेक सेक्टर के लिए काफी उथल-पुथल भरी रही है:

Layoffs.fyi के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक वैश्विक स्तर पर 73,000 से अधिक टेक कर्मचारियों की छंटनी की जा चुकी है.

मजबूत वित्तीय स्थिति के बावजूद कटौती

हैरानी की बात यह है कि यह छंटनी मेटा की मजबूत वित्तीय स्थिति के बावजूद हो रही है. पिछले साल कंपनी ने 200 बिलियन डॉलर का राजस्व और 60 बिलियन डॉलर का लाभ कमाया था. शेयर बाजार में भी मेटा का प्रदर्शन बेहतर रहा है. हालांकि, बड़े भाषा मॉडल (LLM) और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर होने वाला भारी खर्च कंपनी के पूंजीगत व्यय को बढ़ा रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि लेबर बजट से पैसा निकालकर एआई कंप्यूटिंग पावर में लगाने के लिए यह पुनर्गठन आवश्यक है.

पार्टनर कंपनियों पर असर और भविष्य की चिंता

मेटा के इस फैसले का असर उसकी सहयोगी कंपनियों पर भी पड़ रहा है. कंटेंट मॉडरेशन फर्म 'सामा' (Sama) ने मेटा के साथ अनुबंध समाप्त होने के बाद 1,000 से अधिक श्रमिकों की छंटनी फाइनल कर दी है. इस बदलाव ने श्रम अधिकार कार्यकर्ताओं के बीच चिंता पैदा कर दी है, खासकर उन लोगों के लिए जो प्लेटफॉर्म की सुरक्षा और मॉडरेशन का काम संभालते थे. टेक इंडस्ट्री में एआई के बढ़ते दखल ने अब रोजगार के भविष्य पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

Share Now